T20 World Cup 2026: जब से बुमराह की शारीरिक सीमााएं घटी हैं, तो उन्होंने एक तरह से 'आपदा को क्लास' में बदल लिया है. और इसी का नमूना जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने गुरुवार को वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ (India vs England) दूसरे सेमीफाइनल में किया. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बुमराह को एकदम सही समय याद किया, तो जस्सी ने 'इसे वेल टाइम सुपर परफॉरमेंस' में बदल दिया. और इसी के साथ ही बुमराह वेरी-वेरी स्पेशल कारनामा करते हुए भारत के इतिहास के 'सुपर बॉलर क्लब' में शामिल हो गए.
इधर जस्सी को आवाज, उधर विकेट!
वास्तव में बुमराह के इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक के चटकाए विकेट को कुछ ऐसे ही परिभाषित किया जा सकता है. बुमराह ने पहली ही ही गेंद 'गच्चास्त्र' यानी स्लोअर-वन के रूप में फेंकी. और उड़ाने गए हैरी बुरी तरह गच्चा खा गए. शॉट खेलने में टाइमिंग खराब हुई, तो गेंद कहीं और गई. और फिर अक्षर पटेल ने एकद उल्टी दिशा में दौड़ते हुए स्वीपर-कवर में ऐसा कैच लपक कर ब्रूक को विदा कर दिया, जिसे हालात के हिसाब से एक बार को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ कैच भी कहा जा सकता है.
'आपदा में क्लास' बना ली बुमराह ने!
आपदा बुमराह पर पिछले करीब डेढ़-दो साल से आई है. और यह आपदा है उनका नियमित अंतराल पर चोटिल होना. वहीं, सर्जरी के बाद तो हालात टीम इंडिया और उनके लिए आपदा सरीखे हो गए. इस आपदा के कारण प्रबंधन उन्हें चुनिंदा मौकों पर खिलाता है, तो अक्सर बाहर बैठा देता है. लेकिन जब से बुमराह की शारीरिक सीमाएं तय हुई हैं, तब से जस्सी अपने कौशल को अलग ही स्तर पर ले गए. बुमराह ने अपने तरकश में न केवल स्लोअर-वन शामिल की, बल्कि इसमें भी विविधता लाते हुए की तरह की स्लोअर-वन शामिल कीं. और देखते ही देखते आज स्लोअर-वन बुमराह का यार्कर जैसा ही बड़ा हथियार बन गया. और इन्हीं में से एक स्लोअर-वन पर बुमराह ने हैरी को चलता कर बताया कि आई शारीरिक आपदा को उन्होंने क्लास में बदल दिया है.
...और कर दिया यह बड़ा कारनामा
बुमराह ने घातक बन चुकी स्लोअर-वन से हैरी को आउट किया, तो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेटों का 'पंच शतक' जड़ दिया. जी हां, यह बुमराह का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीनों फॉर्मेटों में मिलाकर पांच सौवां विकेट रहा. यह आंकड़ा अपने आप में बताने के लिए काफी है कि नियमित अंतराल पर चोटिल होने के बावजूद इस पेसर ने कितनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस मामले में श्रीलंका के महान मुरलीधरन और शेन वॉर्न क्रमश: नंबर एक और दो बॉलर हैं. मुरली के खाते में 1347 विकेट जमा हैं, तो दिवंगत वॉर्न ने पूरे 1001 विकेट चटकाए थे.
बुमराह से पहले सिर्फ 6 ही भारतीय कर सके कारनामा
बुमराह से पहले भारतीय बॉलरों में अनिल कुंबले (956), रविचंद्रन अश्विन (765), हरभजन सिंह (711), कपिल देव (687), रवींद्र जडेजा (634) और जवागल श्रीनाथ ही ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी फॉर्मेटों में मिलाकर पांच सौ या इससे ज्यादा विकेट चटकाए है. और अब इस सुपर क्लब ने जसप्रीत बुमराह एंट्री करते हुए सातवें भारतीय गेंदबाज बन गए हैं.














