IND vs USA U19 WC 2026: वैभव सूर्यवंशी से लेकर आयुष म्हात्रे तक, भारत के वो पांच धुरंधर जो लिखेंगे नए युग का इतिहास

Vaibhav Suryavanshi; IND U19 vs USA U19 World Cup 2026: इस टूर्नामेंट में अहम किरदार निभाने वाले वो 5 खिलाड़ी कौन होंगे जिनके ऊपर पूरे टूर्नामेंट के दौरान नजर और उम्मीद दोनों बराबर रहेंगी. यह सिर्फ एक मैच या टूर्नामेंट नहीं होगा, बल्कि एक संकेत होगा कि अगली भारतीय क्रिकेट कहानी किस दिशा में बढ़ने वाली है.

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Vaibhav Suryavanshi; IND U19 vs USA U19 World Cup 2026:

IND U19 vs USA U19 World Cup 2026: आज बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में जब भारत अपना 2026 पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप अभियान शुरू करेगा, तो स्कोरकार्ड से ज्यादा नजरें एक नाम पर टिकी होंगी. चलिए आपको बताते हैं की टीम इंडिया के लिए इस टूर्नामेंट में अहम किरदार निभाने वाले वो 5 खिलाड़ी कौन होंगे जिनके ऊपर पूरे टूर्नामेंट के दौरान नजर और उम्मीद दोनों बराबर रहेंगी. यह सिर्फ एक मैच या टूर्नामेंट नहीं होगा, बल्कि एक संकेत होगा कि अगली भारतीय क्रिकेट कहानी किस दिशा में बढ़ने वाली है. भारतीय क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि अंडर-19 मंच सिर्फ ट्रॉफी जीतने की जगह नहीं, बल्कि सितारे गढ़ने की फैक्ट्री रहा है. विराट कोहली ने यहीं से आत्मविश्वास सीखा, शुभमन गिल ने यहीं से मौका पाया. अब उसी लाइन में एक नया नाम खड़ा है वैभव सूर्यवंशी.

वैभव सूर्यवंशी - भविष्य को चमकता सितारा 

महज 14 साल की उम्र, बायां हाथ, और सोच ऐसी जैसे उम्र कभी मायने रखती ही नहीं. वैभव की बल्लेबाज़ी में सबसे खतरनाक बात उनका निडर होना नहीं, बल्कि उनका  चयन  है. वह सिर्फ छक्कों से डर नहीं पैदा करते, बल्कि सिंगल लेकर भी गेंदबाज़ों की प्लानिंग बिगाड़ देते हैं. जब वह विकेट पर टिकते हैं, तो सामने वाली टीम के लिए मुकाबला जीतने से ज़्यादा  नुकसान कम करने  का खेल बन जाता है. अगर वह शुरुआती ओवरों में खुद को समय देते हैं और गैप ढूंढकर रन लेते हैं, तो यही वह मोड़ होता है जहां अंडर-19 क्रिकेट, सीनियर क्रिकेट की परछाईं दिखाने लगता है. भारत के लिए यह सिर्फ़ एक मैच विनर नहीं, बल्कि भविष्य की नींव हो सकती है.

आयुष म्हात्रे - वो कप्तान जो टीम का लय तय करता है

इस पूरी कहानी के बैकग्राउंड में एक शांत दिमाग भी है कप्तान  आयुष म्हात्रे . उनकी बल्लेबाज़ी का असली मूल्य बड़े शॉट्स में नहीं, बल्कि सही समय पर लिए गए फैसलों में छुपा है. वह जानते हैं कब रिस्क लेना है और कब वैभव जैसे टैलेंट को खुलकर खेलने देना है. अगर शुरुआत में भारत दबाव में आता है, तो वही खिलाड़ी हैं जो पारी को पटरी पर वापस लाते हैं.

अभिज्ञान कुंडू - टीम की दीवार

युवा क्रिकेट में विकेटकीपर-बल्लेबाज़ अलग लेवल का खिलाड़ी होता है, और  अभिज्ञान कुंडू  उसी कैटेगरी में आते हैं. वह टॉप ऑर्डर गिरने पर पारी संभाल सकते हैं, और अगर प्लेटफॉर्म तैयार है तो स्कोर को 280 से 300 के पार ले जा सकते हैं. विकेट के पीछे उनकी एनर्जी पूरी टीम को लिफ्ट देती है.

कनिष्क चौहान - बीच के ओवरों का कंट्रोल पैनल

वनडे मैच अक्सर 11 से 40 ओवरों में जीते जाते हैं, और  कनिष्क चौहान  उसी फेज़ के खिलाड़ी हैं. उनकी ऑफ-स्पिन सिर्फ़ टर्न पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पेस में बदलाव और सटीक लाइन पर आधारित होती है. बल्ले से वह स्कोर को “ठीक-ठाक” से “खतरनाक” बना देते हैं.

डी. दीपेश - कहानी बदलने की कला

हर मजबूत टीम में एक ऐसा तेज़ गेंदबाज़ होता है जो शुरुआत में जाल बिछाता है.  दीपेश  वही रोल निभाते हैं. नई गेंद से स्विंग, सही लेंथ, और फिर डेथ ओवर्स में सोच-समझकर गेंदबाज़ी अगर वह दोनों सिरों को जोड़ लेते हैं, तो भारत को बढ़त दिलाने के लिए काफी हैं.

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इन सबके बीच, इस मुकाबले की असली धड़कन वैभव सूर्यवंशी ही हैं. यह वही मंच है जहां से भारतीय क्रिकेट ने पहले भी अपने भविष्य को पहचान लिया है. अगर वैभव यहां खुद को साबित करते हैं, तो यह सिर्फ़ अंडर-19 वर्ल्ड कप की शुरुआत नहीं होगी यह  टीम इंडिया की ओर खुलने वाले एक लंबे रास्ते का पहला कदम  होगा.

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