Pakistan on T20 WC 2026 Match Boycott vs IND: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी भले ही घरेलू राजनीति में संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन T20 वर्ल्ड कप 2026 या भारत के खिलाफ मुकाबले के बहिष्कार की चर्चाएं ज़मीनी हकीकत से दूर नजर आती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कोई भी कदम PCB को भारी कानूनी और आर्थिक संकट में डाल सकता है. पाकिस्तान ने T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है, हालांकि टूर्नामेंट में औपचारिक भागीदारी को लेकर बोर्ड अब भी सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रहा है. फिलहाल मैनेजमेंट का रुख यही है कि अंतिम फैसला सरकार के निर्देशों के बाद ही लिया जाएगा.
प्रधानमंत्री से मुलाकात, जल्द होगा अंतिम फैसला
इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए मोहसिन नकवी ने सोमवार को प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाकात की. बैठक के बाद नकवी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ICC से जुड़े सभी पहलुओं पर बात हुई है और निर्णय बहुत जल्द या तो शुक्रवार को या फिर अगले सोमवार तक ले लिया जाएगा.
ICC का ये समझौता PCB को बांधता है कानूनी दायरे में
PCB ने अन्य क्रिकेट बोर्डों की तरह ICC के साथ मेंबर पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं. यह एक कानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज़ है, जिसके तहत टूर्नामेंट या किसी खास मैच से हटने पर गंभीर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.
भारत के खिलाफ मैच छोड़ना पड़ सकता है महंगा
अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मुकाबला नहीं खेलता है, तो होस्ट ब्रॉडकास्टर द्वारा कानूनी कार्रवाई की संभावना काफी ज्यादा है. RevSportz के रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एक मैच से जुड़े विज्ञापन, ब्रांडिंग और स्पॉन्सरशिप से करीब 38 मिलियन डॉलर की कमाई जुड़ी हुई है. ऐसे में PCB से भारी मुआवजे की मांग की जा सकती है.
बहिष्कार नहीं मगर नुकसान तय
पाकिस्तानी मीडिया में कुछ वैकल्पिक तरीकों पर चर्चा जरूर हो रही है, जिनके जरिए पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता दिखा सकता है. लेकिन जानकारों की राय में टूर्नामेंट या किसी मैच का बहिष्कार करने से पाकिस्तान को सिर्फ वित्तीय और कानूनी नुकसान ही झेलना पड़ेगा.














