- टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से शुरू होगी.
- आईसीसी ट्रॉफी का डिज़ाइन पांच अलग-अलग धातुओं से बना है और तेज़ रफ़्तार फॉर्मेट को दर्शाता है.
- ट्रॉफी हमेशा आईसीसी के पास रहती है, विजेता टीम को केवल उसकी रेप्लिका सौंपी जाती है.
ICC T20 World Cup Trophy 2026: भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत होनी है और उससे पहले आईसीसी ट्रॉफी का टूर जारी है. बुधवार को आईसीसी ट्रॉफी एनडीटीवी के हेड क्वार्टर आएगी. इस दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन मौजूद रहेंगे जबकि पाकिस्तानी क्रिकेटर राशिद लतीफ़ जूम से जुड़े रहेंगे. आईसीसी की यह ट्रॉफी इस तरह से डिजाइन की गई है, जिससे भ्रम पैदा करता है. यह भ्रम T20 फॉर्मेट की तेज़ रफ़्तार प्रकृति को दिखाता है. ट्ऱॉफी को बनाने में पांच अलग-अलग मेटल का इस्तेमाल किया गया है. एक मजेदार बात यह है कि किसी भी चैंपियन टीम को ट्रॉफी सौंपी नहीं जाती है. यह हमेशा आईसीसी के पास रहती है. विजेता टीम को ट्रॉफी की रेप्लिका दी जाती है.
एनडीटीवी के दफ्तर कब आ रही टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी?
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी एनडीटीवी दफ्तर बुधवार 4 जनवरी को आ रही है.
इस दौरान कौन-कौन खिलाड़ी उपस्थित रहेंगे?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन एनडीटीवी दफ्तर में रहेंगे, जबकि पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी राशिद लतीफ़ भी जुड़े रहेंगे.
किसने बनाई है वर्ल्ड कप की ट्रॉफी?
आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को थॉमस लाइट नामक प्रतिष्ठित लंदन-आधारित कंपनी द्वारा डिज़ाइन और निर्मित किया गया है. यह कंपनी ब्रिटेन के राजा की ओर से रॉयल वारंट प्राप्त सिल्वरस्मिथ और गोल्डस्मिथ है. थॉमस लाइट ने 2021 में ट्रॉफी बनाई थी. इस कंपनी ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप मेस, एमिरेट्स एफए कप, द हंड्रेड ट्रॉफी और वाइटैलिटी ब्लास्ट ट्रॉफी बनाई है.
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कितना होगा है टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का वजन?
टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी शुरू में जब बनाई गई थी तब यह चांदी और रोडियम की हुआ करती थी. इसका वजन 12 किलो था और 57.15 सेंटीमीटर इसकी ऊंचाई थी. 2021 से टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी का वजन 3.9 किलो कर दिया गया. इसकी ऊंचाई 51 सेंटीमीटर हो गई. अब इसका बेस सिल्वर प्लेट का होता है. पांच अलग तरह की धातु ट्रॉफी बनाने में इस्तेमाल होती है.
ट्रॉफी को बनाने में किन मेटल का होता है इस्तेमाल?
टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को पारंपरिक और प्रतिष्ठित रूप देने के लिए उस पर सिल्वर की परत चढ़ाई जाती है.ट्रॉफी की मूल संरचना मज़बूत बेस मेटल से तैयार की जाती है. अंतिम चरण में रोडियम कोटिंग की जाती है, जिससे ट्रॉफी को, अत्यधिक चमक, मिरर-फिनिश, जंग से सुरक्षा मिलती है. रोडियम दुनिया की सबसे महंगी और टिकाऊ धातुओं में से एक मानी जाती है. ऐसे में ट्रॉफी की कीमत बढ़ जाती है.
कैसे होता है टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का निर्माण?
टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को पूरी तरह हाथ से लंदन स्थित थॉमस लाइट की वर्कशॉप में बनाया जाता है. प्रारंभिक स्केच और तकनीकी ड्रॉइंग तैयार की जाती है. संरचनात्मक मजबूती और संतुलन के लिए गणनाएं की जाती हैं. डिज़ाइन में कला और इंजीनियरिंग दोनों का समन्वय होता है. ट्रॉफी के 5 अलग-अलग मेटल हिस्से अलग-अलग तैयार किए जाते है. प्रत्येक हिस्से को अनुभवी कारीगर हाथ से आकार देते हैं. कई उपकरण 200 साल से भी पुराने पारंपरिक औज़ार होते हैं. बारीक नक्काशी मास्टर कारीगर करते हैं.
कितनी महंगी होती है टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी?
ना तो आईसीसी ने और ना ही थॉमस लाइट ने ट्रॉफी की सटीक लागत को कभी सार्वजनिक किया है. हालांकि, इंडस्ट्री के अनुमान के अनुसार, ऐसी कस्टम इंटरनेशनल ट्रॉफियों की कीमत £15,000 से £50,000 या उससे अधिक हो सकती है. यह ट्रॉफी व्यावसायिक नहीं बल्कि प्रतिष्ठात्मक मूल्य रखती है.
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