भारत के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ चल रहे तीन दिन के वार्म-अप मैच में अपनी ज़बरदस्त बैटिंग से सबको प्रभावित किया. दिन के आखिरी ओवर में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने श्रीलंकाई स्पिनर दिलुम सुदीरा के ओवर में चार छक्के जड़े. इस ओवर की पहली गेंद पर देवदत्त पडिक्कल ने सिंगल लेकर स्ट्राइक गुरनूर को दी. गुरनूर ने इसके बाद लगातार दो गेंदों पर दो छक्के लगाए. ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने पडिक्कल को सिंगल के लिए मना किया और फिर आखिकी की दो गेंदें भी बाउंड्री के पार भेजी. गुरनूर ने भारत के लिए दिन का अंत शानदार तरीके से किया. गुरनूर दूसरे दिन स्टंप्स पर 18 गेंदों पर 36 रन बनाकर नॉट आउट रहे. गुरनूर जब छक्के बरसा रहे थे, तब गौतम गंभीर का रिएक्शन देखने वाला रहा.
दूसरे दिन स्टंप्स पर जब गुरनूर सिक्सर किंग बनकर पवेलियन की तरफ बढ़े, तब हमेशा गंभीर दिखने वाले गौतम के चेहरे पर मुस्कान आ गई और भारतीय हेड कोच इस गेंदबाज के लिए खड़े होकर ताली बजाते दिखे.
देवदत्त पडिक्कल ने अपने कलात्मक खेल का शानदार नमूना पेश करके श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच के दूसरे दिन शतक लगाया और इस तरह से पहले टेस्ट मैच के लिए भारत की अंतिम प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह पक्की कर दी लेकिन अनुभवी ऋषभ पंत और उनके साथी विकेटकीपर ध्रुव जुरेल बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा पाए.
भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में 90 ओवर में आठ विकेट पर 357 रन बनाए. पडिक्कल के नाबाद 142 रन और अनुभवी रविंद्र जडेजा की 63 रन (रिटायर्ड आउट) की जुझारू पारी भारतीय पारी का आकर्षण रहे. इनके अलावा मानव सुथार (41) ने भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया.
खेल आगे बढ़ने के साथ पिच बल्लेबाजी के लिए काफी आसान हो गई थी और पडिक्कल ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए 18 चौके लगाए. उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. पडिक्कल का श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना तय है क्योंकि इस नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए पहली पसंद के बल्लेबाज साई सुदर्शन पैर के अंगूठे की चोट से समय पर उबर न पाने के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं.
यशस्वी जायसवाल (00) दिन की दूसरी गेंद पर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज विश्व फर्नांडो (42 रन देकर एक विकेट) पर शॉट लगाने की कोशिश में आउट हो गए, जिसके बाद केएल राहुल (40) और पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 96 रन जोड़े. राहुल ने क्रीज पर अपने पांव अच्छी तरह से जमा लिए थे तो दूसरी तरफ पडिक्कल को खेलते देखना भी बेहद मनोरंजक था. उन्होंने फुल लेंथ गेंदों पर कुछ कवर ड्राइव लगाकर शुरुआत की और फिर प्वाइंट के आगे और पीछे दोनों तरफ कुछ शानदार कट शॉट खेले.
तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका मशहूर ‘नटराज शॉट' (विशेष मुद्रा में लगाए गए हुक और पुल शॉट) भी देखने को मिला. पडिक्कल की बल्लेबाजी की खासियत यह थी कि उन्हें अपने शॉट को सही ढंग से खेलने का फैसला करने में लगभग एक सेकंड का अतिरिक्त समय मिल जाता था. उनका डिफेंस भी मजबूत हो गया है और स्पिनरों के खिलाफ उनका फुटवर्क लाजवाब है.
भारत के लिए दूसरे दिन की सबसे बड़ी निराशा ऋषभ पंत (02) रहे, जिन्होंने एक बार फिर ऑफ स्पिनर मेंडिस (77 रन देकर दो विकेट) के खिलाफ लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर लॉन्ग-ऑफ की ओर चली गई. अगर पंत आक्रामक शॉट खेलकर आउट हुए तो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के बाद ऑफ-स्पिनर के सामने ध्रुव जुरेल (01) की तकनीकी कमजोरी एक बार फिर उजागर हो गई. उन्होंने आगे बढ़कर रक्षात्मक शॉट खेलने के प्रयास में शॉर्ट स्क्वायर लेग पर कैच दिया.
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