- न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स बाएं हाथ से बल्लेबाजी की ट्रेनिंग लंबी रणनीति के तहत ले रहे हैं
- फिलिप्स बचपन से बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं, लेकिन शुरुआत में दाएं हाथ से खेलना चुना था
- बाएं हाथ से बल्लेबाजी का अभ्यास दोनों हाथों और मस्तिष्क के हिस्सों को सक्रिय रखने के लिए किया जा रहा है
Glenn Phillips left Hand Batting Training: न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स ने कहा है कि उन्हें ट्रेनिंग के दौरान बाएं हाथ से बैटिंग करना पसंद है. फिलिप्स ने कहा कि बाएं हाथ से बैटिंग करना लंबे समय की रणनीति का हिस्सा है. पिछले महीने वॉल्स बनाम स्टैग्स सुपर स्मैश टी20 मैच के दौरान, दाएं हाथ के बल्लेबाज फिलिप्स ने अचानक अपना स्टांस बदल लिया, जिससे फैंस हैरान रह गए थे. फिलिप्स ने कहा कि वह नियमित तौर पर बाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर ट्रेनिंग कर रहे हैं और इस बदलाव के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं.
न्यूजीलैंड क्रिकेट से बात करते हुए फिलिप्स ने कहा,"मैं हमेशा से बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने में खुद को सक्षम पाता हूं. यह कुछ ऐसा है जो मैं बचपन से करता आ रहा हूं. जब मैं लगभग 10 साल का था, तब मैं बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के बारे में सोच रहा था, लेकिन मैंने दाहिने हाथ से बल्लेबाजी करने का फैसला किया. इन दिनों, मैं दो वजहों से बाएं हाथ से बल्लेबाजी की ट्रेनिंग लेता हूं. एक तो दोनों हाथों और दिमाग के दोनों हिस्सों को काम करते रहने के लिए, और साथ ही लेफ्ट आर्म-स्पिन को काउंटर करने के लिए."
फिलिप्स ने कहा,"मैंने हाल ही में इस पर थोड़ा और काम करना शुरू किया, नेट्स में बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हुए तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स का सामना किया. मैं गेम के दौरान इसका इस्तेमाल कर पाया. यह बहुत अच्छा था."
दिग्गज ऑलराउंडर ने कहा कि यह लंबी रणनीति का हिस्सा है, वह इसे खास मैच या स्थिति में लागू कर सकते हैं. ग्लेन फिलिप्स भारत दौरे पर वनडे और टी20 सीरीज के लिए आ रही न्यूजीलैंड टीम का हिस्सा हैं. उनके मुताबिक भारत के साथ सीमित ओवरों की सीरीज टी20 विश्व कप की तैयारी के दृष्टिकोण से बेहद अहम है. न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ 3 वनडे और 5 टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है.
यह भी पढ़ें: विराट कोहली vs वैभव सूर्यवंशी: यूथ वनडे में किसका कैसा है रिकॉर्ड, क्या वैभव बना पाएंगे वर्ल्ड रिकॉर्ड
यह भी पढ़ें: मुस्ताफ़िज़ुर मुद्दे पर बांग्लादेश की नाराज़गी- BCCI को कितनी कीमत चुकानी पड़ेगी?














