- भारत, अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 408 रनों से हार गई, अफ्रीका ने 25 साल में पहली बार भारत में सीरीज जीता.
- गुवाहाटी टेस्ट में भारत का स्कोर 95 पर 1 विकेट से गिरकर 122 पर 7 विकेट तक पहुंचा, जो स्वीकार्य नहीं है
- गंभीर - टेस्ट क्रिकेट के लिए तेज और टैलेंटेड खिलाड़ियों से ज्यादा मजबूत और कम कौशल वाले खिलाड़ियों की जरूरत
Gautam Gambhir Reaction on Lose Test Series vs SA: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली 0-2 की हार के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर टीम मैनजमेंट और कोच गौतम गंभीर के रणनीति पर लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं. इस बीच गुवाहाटी में क्लीन स्वीप के बाद मैच खत्म होने पर प्रेस-कांफ्रेंस करते हुए टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने हार के सभी पहलुओं पर बात की और टीम के प्रदर्शन से लेकर आने वाले समय में जरुरी बदलाव को लेकर भी बड़ा इशारा किया. इस दौरान गंभीर ने अपने भविष्य पर भी बड़ा बयान दे दिया जिसके बाद चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया.
गुवाहाटी में दूसरे टेस्ट में भारत की हार के बाद कोच गंभीर ने कहा
हमें बेहतर खेलने की जरूरत है. 95 पर 1 विकेट से 122 पर 7 विकेट तक का स्कोर मंजूर नहीं है. "दोष तो मुझसे लेकर सभी का है. टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको सबसे तेज-तर्रार और टैलेंटेड क्रिकेटरों की जरूरत नहीं है. हमें स्किल्स वाले मजबूत खिलाड़ियों की जरूरत है.
भविष्य की जिम्मेंदारियों को लेकर गंभीर ने क्या कहा
मेरे भविष्य का फैसला BCCI को करना है, लेकिन मैं वही आदमी हूं जिसने इंग्लैंड में आपको नतीजे दिलाए और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए कोच था. टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देना शुरू करें और सभी को इसमें हिस्सा लेना होगा. इसे पूरा करने के लिए हमें मिलकर कोशिश करने की जरूरत है.
टेस्ट में गंभीर की लीडरशिप में भारत का प्रदर्शन
हेड कोच गौतम गंभीर की लीडरशिप में, भारत अब न्यूज़ीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने घर में पांच टेस्ट हार चुका है.
549 रन का पीछा करना कभी मुमकिन नहीं था, लेकिन उम्मीद थी कि थोड़ी लड़ाई होगी, जो पांचवें दिन भारतीय पिच पर नहीं थी, जो अपनी पूरी ताकत दिखा रही थी, जिस पर गेंद फुफकारते सांप की तरह उछल रही थी और ऐसे मुड़ रही थी जैसे किसी हेयरपिन हिमालयन बेंड पर हो.
इस टेस्ट मैच में एक बेहतरीन ऑलराउंडर की भूमिका निभाने वाले मार्को जेनसन ने एक हाथ से शानदार बॉलिंग करते हुए भारत को 63.5 ओवर में 140 रन पर समेट दिया और टेम्बा बावुमा की टीम को लंबे समय तक याद रखने लायक जीत दिलाई.














