- भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 में सूर्यकुमार यादव के अर्धशतक की मदद से यूएसए को 29 रन से हराया है
- यूएसए के शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाज फेल रहे, जिससे टीम शुरुआती ओवरों में ही कमजोर हुई
- कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पावरप्ले में तेज गेंदबाजों पर आधारित आक्रामक रणनीति अपनाई
Gautam Gambhir and Suryakumar Yadav Powerplay Strategy IND vs USA: भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 में अपने सफर की शुरुआत जीत के साथ की है. ग्रुप ए के अपने पहले मैच में भारतीय टीम ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के विस्फोटक अर्धशतक के दम पर यूएसए को 29 रन से हरा दिया. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में भारतीय टीम के दिए 162 रन के लक्ष्य को हासिल करने उतरी यूएसए के शीर्ष क्रम के तीनों बल्लेबाज फ्लॉप रहे. सलामी बल्लेबाज एंड्रियस गौस 6, सैतेजा मुक्कमल्ला 2, और कप्तान मोनांक पटेल बिना खाता खोले आउट हो गए. 13 पर 3 विकेट गंवा चुकी यूएसए को मिलिंद कुमार और संजय कृष्णमूर्ति ने संभाला और चौथे विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी कर स्कोर को 71 तक ले गए.
मिलिंद इसी स्कोर पर 34 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद 98 के स्कोर पर पांचवें विकेट के रूप में संजय कृष्णमूर्ति भी 37 रन बनाकर आउट हो गए. इन दोनों की जोड़ी टूटने के बाद यूएसए का निचला क्रम ढह गया. शुभम रंजने के 22 गेंद पर बनाए 37 रन के बावजूद यूएसए 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 132 रन बना सकी और 29 रन से मैच हार गई.
कोच गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की जोड़ी ने किया कमाल
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले ही मुकाबले में टीम इंडिया ने कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की जुगलबंदी के साथ एक ऐसी रणनीतिक जीत दर्ज की है, जिसने सबका ध्यान खींचा है. वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में कम स्कोर के बावजूद भारत ने यूएसए (USA) को 29 रनों से हराकर इतिहास रच दिया और पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया है.
गंभीर-सूर्या की रणनीति; पावरप्ले में 'ऑल-पेस' अटैक
जब भारत ने बल्लेबाजी करते हुए मात्र 161 रन बनाए और अभिषेक शर्मा (0), ईशान किशन (20) और शिवम दुबे (0) जैसे बल्लेबाज फ्लॉप रहे, तब कोच और कप्तान ने मिलकर गेंदबाजी में एक रणनीति अपनाया जिसने काम आसान कर दिया.
विकेट लेने वाली सोच के साथ गेंदबाजी
कोच गौतम गंभीर और सूर्या की रणनीति के तहत, कम स्कोर को बचाने के लिए डिफेंसिव होने के बजाय विकेट लेने पर जोर दिया गया जिसके लिए सिर्फ तेज गेंदबाजों का चक्रव्यूह रचा गया. पावरप्ले के शुरुआती 6 ओवरों में कप्तान सूर्या ने किसी भी स्पिनर को गेंद नहीं दी. मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह ने लगातार 6 ओवर डाले और पावरप्ले में फील्डिंग को आक्रामक रखा गया. इस 'पेस अटैक' ने पावरप्ले में ही यूएसए के 3 विकेट चटका दिए, जिससे यूएसए की टीम कभी उबर नहीं पाई और 8 विकेट पर 132 रन पर सिमट गई.
स्पिनर्स को मिडिल ओवर्स के लिए बचाना
पावरप्ले में केवल तेज गेंदबाजों का उपयोग करने का मतलब है कि आपके पास बीच के ओवरों (7-15) में गेंदबाजी के लिए ज्यादा ओवर बचते हैं. जब गेंद थोड़ी पुरानी हो जाती है, तब ये स्पिनर्स अपनी वेरिएशन से बल्लेबाजों को फंसाने में अधिक सफल साबित होते हैं जो अक्षर पटेल की गेंदबाजी में दिखा.













