राजस्थान के पूर्व मालिक रहे बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने हाल ही में हुई राजस्थान रॉयल्स टीम की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है. इसको लेकर कुंद्रा ने बीसीसीआई को पत्र लिखने के अलावा नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( NCLT) में भी याचिका दायर की है. कुंद्रा ने शिकायत करते हुए कहा है कि राजस्थान टीम में उनकी भी हिस्सेदारी है. अब बीसीसीआई की लीगल टीम इसकी जांच करेगी जांच के बाद ही राजस्थान को लेकर हुई डील पूरी मानी जाएगी. दो दिन पहले ही अमेरिका स्थित भारतीय मूल के व्यवासायी सोमानी ने बाकी साझेदारों के साथ मिलाकर करीब 15,300 करोड़ रुपये में खरीदा था.
राजकुंद्रा के करीबी सूत्रों के अनुसार कुंद्रा ने दावा किया कि उनसे बिना पूछे पूछे शेयर ट्रांसफर किए गए और उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए. लेकिन अभी भी वह 11.8 प्रतिशत शेयर का मालिकाना हक रखते हैं. सूत्रों का यह भी कहना है कि यह मामला कुप्रबंधन का है और पहले से ही एनसीएलटी में चल रहा है. इस मामले में अगली सुनवाई जल्द ही होगी. सूत्रों का कहना है कि अब जबकि राजस्थान रॉयल्स में राज की 11.7% हिस्सेदारी को लेकर मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है, तो ऐसे में टीम की ओनरशिप बदलना सही नहीं होगा. उन्होंने BCCI को बताया कि जब तक यह विवाद पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक किसी भी तरह का ट्रांसफर रोक दिया जाना चाहिए.
NCLT में दाखिल याचिका में कुंद्रा ने कहा है कि साल 2015 का शेयर ट्रांसफर रद्द किया जाए,2019 का समझौता अमान्य घोषित हो और उनकी 11.7% हिस्सेदारी बहाल की जाए. वहीं, उन्होंने फ्रेंचाइज़ी के फाइनेंशियल मामलों की जांच की मांग भी की है. कुंद्रा की तरफ से भेजे गए इस पत्र में BCCI को हालात की जानकारी देते हुए कुछ अहम बातें रखी गई हैं. ये बातें इस प्रकार हैं:-
1. NCLT में पहले से मामला लंबित
कुंद्रा ने बताया कि उन्होंने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच में 2025 में केस (CP No. 258/2025) दायर किया हुआ है. यह मामला राजस्थान रॉयल्स में उनकी 11.7% हिस्सेदारी को लेकर है. यह याचिका Companies Act, 2013 की धारा 241, 242 और 244 के तहत दाखिल की गई है, जिसमें कंपनी के कामकाज और शेयरहोल्डिंग विवाद को चुनौती दी गई है.
2. UK कोर्ट का आदेश और एंटी-सूट इंजंक्शन
चिट्ठी में यह भी बताया गया कि इस केस के बाद कुछ अन्य पक्षकारों ने UK कोर्ट का रुख किया. इंग्लैंड और वेल्स हाई कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को जारी एक आदेश के तहत कुंद्रा को भारत में NCLT समेत किसी भी फोरम पर केस आगे बढ़ाने से रोका गया














