Aakash Chopra on MS Dhoni: धोनी इन दिनों रांची में शांत जीवन जी रहे हैं और पूरा लुत्फ उठा रहे हैं, लेकिन बीच-बीच में जब भी उन्हें लेकर कोई खबर आती है, तो वह धोनी की तरह ही धमाल करती है. और अब अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार धोनी के चेन्नई फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदने की खबर है. IPL इतिहास में धोनी और CSK का रिश्ता क्रिकेट की सबसे सफल साझेदारियों में गिना जाता है. ऐसे में जब हिस्सेदारी और मालिकाना हक की चर्चा सामने आई तो फैंस के बीच हलचल बढ़ गई. , लेकिन खबर यह भी है कि धोनी और सीएसके के बीच सौदा पटता दिखाई नहीं पड़ रहा है. बात यह है कि सुपर किंग्स को पांच बार चैंपियन बनाने वाले धोनी कुछ और चाहते हैं, तो चेन्नई प्रबंधन अपने हिसाब की बात चाहता है! एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि धोनी ने CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी (स्टेक) मांगी थी, जिसे बाद में उन्होंने घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया था. हालांकि, बाद में फ्रैंचाइज़ी द्वारा इस घटाकर 5.5 प्रतिशत ही कर दिया गया था. वैसे, इस खबर को पूर्व ओपनर और समीक्षक आकाश चोपड़ा ने गलत बताया है.
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा, 'अभी जब RCB को खरीदा गया था, तब 1.7 से 1.8 बिलियन की बात हुई थी' चेन्नई सुपर किंग्स भी उसी तरह की फ्रैंचाइज़ी है. आप इसका मूल्यांकन (वैल्यूएशन) चाहे जैसे भी करें, लेकिन यह वो फ्रैंचाइज़ी है जिसके पास पांच ट्रॉफियां हैं और भारत के बाहर भी इसकी कई फ्रैंचाइज़ी हैं.'
उन्होंने कहा, 'उनके पास एक विरासत है और उनके पक्ष में बहुत कुछ है. चेन्नई सुपर किंग्स एक बहुत बड़ा ब्रांड है. अगर इसकी कीमत 1.8 बिलियन है और धोनी ने उसमें 25 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगी है, तो यह अवास्तविक है। यह संभव ही नहीं है. कोई भी किसी को 400 मिलियन डॉलर नहीं देता. बल्कि, 25 प्रतिशत हिस्सेदारी पाने के लिए आपको 400 मिलियन डॉलर का निवेश करना होगा. यह एक अजीबो-गरीब आंकड़ा है. कोई भी किसी को आईपीएल टीम में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं देने वाला.' चोपड़ा ने आगे कहा कि 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बहुत बड़ी मांग है.
25% CSK का मतलब कितने करोड़? धोनी से जुड़ी रिपोर्ट का पूरा गणित
| हिस्सेदारी | संभावित मूल्य |
|---|---|
| 1% | ₹150 करोड़ के आसपास |
| 5% | ₹700-800 करोड़ |
| 10% | ₹1,400-1,500 करोड़ |
| 25% | ₹3,700-4,000 करोड़ |
चोपड़ा ने कहा, 'फिर 3.5 प्रतिशत और 5.5 प्रतिशत की बात हुई. मैं कह रहा हूं कि अगर यह 5.5 प्रतिशत भी है, तो ज़रा सोचिए कि यह कितना पैसा है. दो प्रतिशत, तीन प्रतिशत या पांच प्रतिशत, यह एक अविश्वसनीय रूप से बड़ी रकम है. मुझे लगता है कि यह एक प्लांटेड स्टोरी है. मुझे नहीं पता कि इसे किसने प्लांट किया है 25 प्रतिशत मांगना, फिर 25 प्रतिशत से इनकार करना, फिर 3.5 प्रतिशत देना और मनमुटाव के बाद 5.5 प्रतिशत पर समझौता करना, मुझे लगता है कि यह सच नहीं है. चूंकि मेरे पास सत्यापित जानकारी नहीं है, इसलिए मैं इसे फेक न्यूज़ नहीं कह सकता. लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि यह सच्ची खबर नहीं है.'