Abhishek Sharma IPL 2026: भारत के पूर्व कप्तान और कोच अनिल कुंबले का मानना है कि युवा ओपनर अभिषेक शर्मा को आक्रामक बल्लेबाजी और क्रीज पर टिके रहने के बीच बेहतर संतुलन बनाना सीखना होगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर में यही संतुलन बनाकर सफलता हासिल की थी. 25 वर्षीय अभिषेक हाल के समय में टॉप ऑर्डर के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं. उनका ‘हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड' अंदाज टीम को तेज शुरुआत देता है, लेकिन वो अक्सर अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल नहीं पाते और यही उनकी कमजोरी बनती जा रही है.
कुंबले ने कहा कि सहवाग भी शुरुआत में हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करते थे, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी पारी की रफ्तार को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना सीख लिया. उन्होंने यह भी बताया कि सहवाग 140-150 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए भी लंबी पारियां खेलने में सफल रहे.
कुंबले के मुताबिक, अभिषेक को यह समझना होगा कि सिर्फ तेज रन बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि ज्यादा गेंदें खेलकर अपनी पारी को बड़ा बनाना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर अभिषेक 20 गेंदें खेलते हैं, तो वे आसानी से 50 रन के करीब पहुंच सकते हैं लेकिन लक्ष्य इससे आगे बढ़ना होना चाहिए. उन्होंने संजू सैमसन का उदाहरण देते हुए कहा कि वे सिर्फ 40-50 रन बनाकर नहीं रुकते, बल्कि अपनी पारी को 80-90 रन तक ले जाते हैं, जिससे उनका योगदान और प्रभावी बनता है.
कुंबले का मानना है कि टी20 क्रिकेट में इसी तरह की सोच की जरूरत है और आने वाले समय में अभिषेक में यह परिपक्वता देखने को मिल सकती है. यह उनके फ्रेंचाइज़ी सनराइजर्स हैदराबाद के लिए भी अहम होगा.
अभिषेक शर्मा, जिनका टी20 विश्व कप प्रदर्शन खास नहीं रहा था, अब 28 मार्च से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइज़र्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए नजर आएंगे.














