- हुमायूं ने बाबरी मस्जिद प्रोजेक्ट पर कहा कि बंगाल में मुसलमानों के लिए मस्जिद निर्माण का अधिकार होना चाहिए
- बंगाल में मुसलमानों की संख्या अधिक होने के कारण मस्जिद प्रोजेक्ट को वोट बैंक से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए
- उन्होंने ममता बनर्जी, राहुल गांधी, ओवैसी और बीजेपी की चुनावी रणनीतियों पर खुलकर अपने विचार साझा किए हैं
बंगाल में इस वक्त चुनाव प्रचार जोरों पर है. वैसे तो तमाम नेता सुर्खियों में है लेकिन इन दिनों यहां के जिस नाम की चर्चा पूरे देश में हो रही है, वो हैं हुमायूं कबीर. बंगाल की राजनीति, बाबरी मस्जिद प्रोजेक्ट, मुस्लिम वोट बैंक और विपक्षी दलों की रणनीति को लेकर हुमायूं कबीर ने बेबाक और तीखे बयान दिए हैं. एक्सक्लूसिव बातचीत में हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी, राहुल गांधी, ओवैसी और बीजेपी तक पर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने बाबरी मस्जिद प्रोजेक्ट से लेकर आगामी चुनावों तक के मुद्दों पर सवालों के सीधे और स्पष्ट जवाब दिए. यहां जानिए उन्होंने किस सवाल का क्या जवाब दिया
सवाल: प्रोजेक्ट बाबरी के बारे में बताइए?
जवाब: मैंने कोलकाता में ही ऐलान किया था कि 1992 में मस्जिद तोड़ दी गई थी. कोर्ट ने जमीन देने का फैसला किया, जमीन मिली भी, लेकिन वह कम थी. बाद में जब ममता बनर्जी जगन्नाथ मंदिर के लिए दीघा गईं और पत्रकारों ने मुझसे सवाल किया, तो मैंने कहा कि अगर ममता बनर्जी को मंदिर बनाने का हक है तो मुझे भी मस्जिद बनाने का हक है.
सवाल: बाबरी मस्जिद बंगाल में क्यों, उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं?
जवाब: बंगाल में 37 प्रतिशत मुसलमान हैं और मुर्शिदाबाद में यह संख्या 73 प्रतिशत है.
सवाल: तो क्या यह पूरा मामला वोट बैंक का है?
जवाब: वोट बैंक बाद की बात है, पहले धर्म की हिफाजत जरूरी है.
सवाल: इसी वोट बैंक के लिए ममता बनर्जी, राहुल गांधी, आप और ओवैसी मैदान में हैं?
जवाब: सबको अधिकार है, सब कोशिश करेंगे. ममता भी मुसलमानों के वोट से चुनी गई हैं और फिर कोशिश कर रही हैं, इसमें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन बीजेपी को रोकना है तो हिंदू वोट से रोको, मुसलमान वोट से क्यों? पश्चिम बंगाल में करीब 100 सीटें ऐसी हैं जहां मुसलमान तय करते हैं, जबकि 194 सीटें हिंदू बहुल हैं, जहां हार‑जीत हिंदू वोट तय करता है. ममता मंदिर बनाती हैं, दुर्गा पूजा के लिए पैसा देती हैं, फिर हिंदू वोट उन्हें क्यों नहीं देता?
सवाल: राहुल गांधी को लेकर क्या कहेंगे?
जवाब: राहुल गांधी पहले साफ करें कि इंडिया गठबंधन के तहत वह ममता बनर्जी के साथ हैं या खिलाफ. उनका भतीजा (अभिषेक) वहां चाय पीने जाता है, टीएमसी का समर्थन लेता है और यहां लोगों को भ्रमित किया जा रहा है.
सवाल: कांग्रेस आपको वोट कटवा कहती है, अधीर रंजन चौधरी का आरोप है कि आपने स्टिंग के खिलाफ कोर्ट क्यों नहीं गए?
जवाब: हम कोर्ट गए हैं, हाईकोर्ट में मामला है और जो फैसला आएगा हम स्वीकार करेंगे. मैं कहता हूं कि मेरे खिलाफ कार्रवाई कीजिए. आपके पास ईडी है, सीबीआई है. सब कुछ अभी चुनाव आयोग के अधीन है। मैं चुनौती देता हूं, अगर मेरे खिलाफ सबूत मिले तो हिरासत में जाने के लिए तैयार हूं.
सवाल: ओवैसी पर आपका क्या कहना है?
जवाब: मैं ओवैसी को बड़ा भाई मानता हूं. वह पढ़े‑लिखे हैं, कई बार के सांसद और बैरिस्टर हैं, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि यह हैदराबाद या बिहार नहीं, यह बंगाल है. यहां का बंगाली वोटर बंगाली नेता को पसंद करता है. ओवैसी के दो लोग, इमरान सोलंकी और आदिल हुसैन, दोनों चोर हैं और टीएमसी के साथ मिलकर पैसा बना रहे हैं. ओवैसी साहब जांच कराएं, सच्चाई सामने आ जाएगी.
सवाल: आप कहते हैं कि बंगाल का मुसलमान पहले बंगाली है, फिर मुसलमान?
जवाब: अगर किसी मुसलमान को रात में पुलिस पकड़े, तो क्या ओवैसी हैदराबाद से आएंगे? इमरान सोलंकी बंगाली नहीं हैं और आदिल हुसैन बिहारी हैं. दोनों के खिलाफ मेरे पास सबूत हैं.
सवाल: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर आपकी प्रतिक्रिया?
जवाब: अमित शाह गृहमंत्री हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं. मैं खुद बीजेपी के साथ नहीं जुड़ा. 2019 का चुनाव भी विजयवर्गीय ने जबरदस्ती लड़वाया था, बिना प्रचार के ढाई लाख वोट मिले थे.
सवाल: क्या मुसलमान वोट काटकर बीजेपी की मदद कर रहे हैं?
जवाब: मुसलमान किसी के बाप की जागीर नहीं है. हम अपने धर्म की हिफाजत करेंगे. मेरे लिए पहले कौम है, फिर पार्टी. कौम मेरी पहली प्राथमिकता है.
सवाल: इस चुनाव को लेकर आपका अनुमान?
जवाब: बंगाल में किसी को बहुमत नहीं मिलेगा. त्रिशंकु विधानसभा बनेगी. अधिकतम कोई पार्टी 110 सीटें पार कर पाएगी.
सवाल: बाबरी प्रोजेक्ट अभी किस स्थिति में है?
जवाब: बाबरी प्रोजेक्ट का काम चल रहा है, धीमा है. मैंने तीन साल का वक्त दिया था, उन्होंने दो साल कहा है. काफी कठिनाइयां हैं, लेकिन बेलडांगा में काम जारी है.














