गुरुग्राम सहकारी बैंक की समीक्षा बैठक, PACS का कंप्यूटरीकरण, टैक्सी ड्राइवरों और महिलाओं के लिए नए लोन पर फोकस

गुरुग्राम केंद्रीय सहकारी बैंक की बैठक में एनपीए वसूली को तेज करने, ऋण गुणवत्ता सुधारने और सभी शाखाओं के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • गुरुग्राम केंद्रीय सहकारी बैंक ने PACS के कंप्यूटरीकरण और डिजिटल सिस्टम के एकीकरण पर विशेष जोर दिया
  • बैंक ने भारत टैक्सी, ब्यूटी एवं वेलनेस तथा सोलर योजना जैसी नई रोजगारोन्मुखी ऋण योजनाएं शुरू कीं
  • डॉ. प्रफुल्ल रंजन ने डायनेमिक डे-एंड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए जिससे रियल-टाइम निगरानी संभव हो सके
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
गुरुग्राम:

सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में आधुनिकीकरण और नए ऋण उत्पादों को बढ़ावा देते हुए गुरुग्राम केंद्रीय सहकारी बैंक ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें PACS (प्राथमिक कृषि साख समितियों) के कंप्यूटरीकरण और नई रोजगारोन्मुखी ऋण योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया.

यह बैठक हरको बैंक के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रफुल्ल रंजन की अध्यक्षता में बैंक मुख्यालय में आयोजित हुई, जिसमें चेयरमैन नरेंद्र भारद्वाज, निदेशक शकील अहमद, महाप्रबंधक प्रशांत यादव सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी और शाखा प्रबंधक मौजूद रहे.

बैठक में डॉ. रंजन ने स्पष्ट रूप से कहा कि सहकारी बैंकिंग को भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए PACS का तेजी से कंप्यूटरीकरण और डिजिटल सिस्टम का एकीकरण अनिवार्य है. उन्होंने सभी इकाइयों में डायनेमिक डे-एंड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए, ताकि रियल-टाइम निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके.

महाप्रबंधक प्रशांत यादव ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान बैंक की प्रगति, ऋण वितरण, जमा वृद्धि और एनपीए स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी. बैठक में शाखाओं के प्रदर्शन में सुधार और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया.

Advertisement

रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई ऋण योजनाएं

बैंक ने उभरती आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नई ऋण योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है—

  • भारत टैक्सी ऋण योजना — सहकारिता मंत्रालय की भारत कोऑपरेटिव टैक्सी योजना से जुड़े ड्राइवरों को वाहन खरीद के लिए वित्तीय सहायता
  • ब्यूटी एवं वेलनेस उद्यमी ऋण योजना — युवाओं, विशेषकर महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु
  • सोलर (सूर्य घर) योजना — हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए

इन योजनाओं के माध्यम से बैंक का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देना है.

Advertisement

आधुनिकीकरण और बाजार की जरूरतों के अनुसार बदलाव हमारी प्राथमिकता- प्रफुल्ल रंजन

डॉ. प्रफुल्ल रंजन ने कहा, “गुरुग्राम केंद्रीय सहकारी बैंक का स्पष्ट लक्ष्य है कि हम जमीनी स्तर पर अपनी संरचना को आधुनिक बनाएं. चाहे वह PACS का कंप्यूटरीकरण हो या डिजिटल बैंकिंग प्रणाली का विस्तार. इसके साथ ही हम अपने ऋण उत्पादों को भी लगातार बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित कर रहे हैं. भारत टैक्सी और ब्यूटी एवं वेलनेस जैसी योजनाएं इसी दिशा में ठोस पहल हैं. भविष्य में भी बैंक ग्राहकों की मांग और आर्थिक परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए नए उत्पाद और योजनाएं लाता रहेगा.

उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि बैंक के व्यवसाय के साथ-साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिले.

बैठक में एनपीए वसूली को तेज करने, ऋण गुणवत्ता सुधारने और सभी शाखाओं के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए. बैठक के अंत में यह संदेश दिया गया कि तकनीकी आधुनिकीकरण, नवाचार आधारित ऋण योजनाएं और मजबूत वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से सहकारी बैंकिंग को नई दिशा दी जाएगी.

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Bengal Election 2026: बंगाल में Humayun-Owaisi की जोड़ी टूट गई! Mic On Hai