यह ख़बर 16 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

दर कटौती की उम्मीद में शेयर बाजारों में बढ़त

खास बातें

  • देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में इस सप्ताह लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही।
मुम्बई:

देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में इस सप्ताह लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही।

शेयर बाजारों पर इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा में सोमवार को दरों में कटौती की सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया।

इस सप्ताह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 230.96 अंकों या 1.38 फीसदी की तेजी बनाकर शुक्रवार को 16,949.83 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को सेंसेक्स 16,718.87 पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी इस सप्ताह 70.70 अंकों या 1.39 फीसदी की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को निफ्टी 5,068.35 पर बंद हुआ था।

आलोच्य सप्ताह में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप जहां 0.50 फीसदी या 29.71 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,958.50 पर बंद हुआ, वहीं स्मॉलकैप 0.40 फीसदी या 25.30 अंकों की तेजी के साथ 6,326.14 पर बंद हुआ।

आलोच्य सप्ताह में बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.64 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही।

रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है।

इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है।

अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।

एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा।

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केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी।