यह ख़बर 05 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

केयर्न-वेदांता सौदे को मिली सेबी की मंजूरी

खास बातें

  • पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने केयर्न इंडिया में 51 % हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए वेदांता समूह को मंजूरी दे दी।
मुंबई:

करीब आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिर केयर्न एनर्जी और वेदांता रिसोर्सेज के बीच हुए केयर्न इंडिया के अधिग्रहण सौदे पर अमल की दिशा में कदम आगे बढ़ते दिखाई दिए हैं। पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने केयर्न इंडिया में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए वेदांता समूह को मंजूरी दे दी। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने स्वयं यह जानकारी यहां संवाददाताओं को दी है। ब्रिटेन स्थित भारतीय मूल के अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज ने ब्रिटेन की ही वेदांता एनर्जी के साथ केयर्न इंडिया की बहुलांश हिस्सेदारी 9.6 अरब डॉलर में खरीदने का सौदा किया था। केयर्न इंडिया की भारत में राजस्थान के बाड़मेर तेल क्षेत्र सहित करीब दस तेल एवं गैस परिसंपत्तियां हैं। अग्रवाल ने कहा, हमें सेबी की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। अब खुली पेशकश इश्यू जल्द आएगा, यह अगले एक अथवा दो दिन में खुल सकता है। हम इस बारे में सभी को संदेश भेजेंगे। अग्रवाल ने विश्वास जताया कि अधिग्रहण सौदे को सरकार की मंजूरी भी जल्द मिल जायेगी। उन्होंने कहा, हमारे पास 15 अप्रैल तक समय है, मुझे उम्मीद है कि सरकार इससे पहले ही इसे मंजूरी दे देगी .. रॉयल्टी का मुद्दा सरकार और ओएनजीसी के साथ सुलझा लिया जाएगा। इस मुद्दे को हम बाद में देखेंगे।


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