खास बातें
- विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजारों में निवेश लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस साल की शुरुआत के दो महीनों में विदेशी निवेशकों ने अब तक 5.5 अरब डॉलर का निवेश किया है।
मुम्बई: विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजारों में निवेश लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस साल की शुरुआत के दो महीनों में विदेशी निवेशकों ने अब तक 5.5 अरब डॉलर का निवेश किया है।
इस वर्ष के दो महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा किए गए जबर्दस्त निवेश की वजह से कई शेयरों के भाव काफी ऊंचे पहुंच गए हैं जबकि प्रमुख (बेंचमार्क) शेयरों के भाव में भी दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही एक भय का माहौल भी उत्पन्न हुआ है कि यह तेजी अचानक थम भी सकती है क्योंकि यह केवल विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश की वजह से हुआ है।
पिछले दो माह में भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्वों में बदलाव भी आया है। महंगाई जो कि चिंता का एक बड़ा कारण बना हुआ है वह कुछ हद नियंत्रित हुआ है। ताजा आंकड़े के मुताबिक जनवरी में वार्षिक महंगाई दर 6.55 प्रतिशत थी। इसके साथ ही रुपये में दिसंबर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट देखी गई थी जो कि अब स्थिर है।
ये कुछ कारक हैं जिसकी वजह से विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में बड़े निवेश की ओर आकर्षित हुए।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शनिवार को 7.65 करोड़ डॉलर मूल्य के शेयरों की लिवाली की।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल अब तक 5.55 अरब डॉलर की लिवाली कर ली है। विदेशी निवेशकों ने जनवरी माह में 2.03 अरब डॉलर और फरवरी माह में 23 फरवरी तक 3.51 अरब डॉलर मूल्य के शेयरों की लिवाली की है।
इस दौरान प्रमुख शेयरों में अच्छी खासी वृद्धि दर्ज की गई।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में इस दौरान 2468 अंकों यानी 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले कारोबारी दिवस शुक्रवार को यह 17923.57 पर बंद हुआ। पिछले 30 दिसंबर को यह 15454.92 पर बंद हुआ था।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों वाले संवेदी सूचकांक निफ्टी में 805 अंकों यानी 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार को यह 5429.3 अंक पर बंद हुआ।