यह ख़बर 17 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

तेज विकास के लिए रिजर्व बैंक ने मुख्य दरें घटाई

खास बातें

  • विकास को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की एक कोशिश के तहत मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने प्रमुख दरों में 50 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की।
नई दिल्ली:

विकास को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की एक कोशिश के तहत मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने प्रमुख दरों में 50 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की। इससे आवासीय, वाहन और वाणिज्यिक ऋण पर ब्याज दर घटने का अनुमान है।

आरबीआई ने साथ ही मौजूदा कारोबारी साल में देश की आर्थिक विकास दर 7.3 फीसदी रहने और महंगाई दर मामूली गिरावट के साथ मार्च 2013 के आखिर तक 6.5 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान जाहिर किया।

आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चालू वित्त वर्ष के लिए मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि रेपो दर को 8.50 फीसदी से घटाकर आठ फीसदी किया जा रहा है। इस तरह रिवर्स रेपो दर स्वत: सात हो जाएगी, जो अभी 7.50 फीसदी है।

आरबीआई ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी को भी 100 आधार अंक बढ़ाकर दो फीसदी कर दिया। यह सुविधा व्यावसायिक बैंकों को सरकारी प्रतिभूतियों में उनके द्वारा जमा धन से अधिक उधारी लेने की छूट देती है। इस सुविधा पर ली जाने वाली ब्याज दर अब नौ प्रतिशत होगी।

रेपो दर रिजर्व बैंक द्वारा व्यावसायिक बैंकों को दिए गए ऋण पर लगाया जाने वाला ब्याज होती है जबकि रिवर्स रेपो दर रिजर्व बैंक के पास व्यावसायिक बैंकों द्वारा जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज होती है।

इन दरों में कटौती से व्यावसायिक बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में आरबीआई में अपना धन जमा न करने के प्रति आकर्षित होंगे और इसके बदले वे धन को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए ऋण में लगाएंगे।

मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी पिछले वित्त वर्ष के दौरान मौद्रिक नीति में शामिल की गई थी। इस सुविधा के तहत बैंक आरबीआई से रेपो दर से एक प्रतिशत अधिक ब्याज दर पर ऋण ले सकते हैं।

इस सुविधा के तहत उधारी लेने की सीमा व्यावसायिक बैंकों की शुद्ध जमा का एक प्रतिशत तय की गई थी, और यह व्यवस्था ऐसी स्थितियों से उबरने के लिए की गई थी, जब व्यवस्था में तरलता में भारी गिरावट आ गई हो। इस अतिरिक्त सुविधा को अब बढ़ाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है।

इन नीतिगत निर्णयों का बाजार पर तत्काल असर हुआ है, मौद्रिक नीति की घोषणा के साथ ही बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 103 अंक या 0.6 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। सेंसेक्स 1.21 फीसदी या 206.99 अंकों की तेजी के साथ 17,357.94 पर बंद हुआ।

(पुरानी) और नई नीतिगत दरें निम्नलिखित हैं :

बैंक दर : (9.5) 9.00
रेपो दर : (8.5) 8.00
रिवर्स रेपो दर : (7.5) 7.00
मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर (9.5) 9.00
नकदी आरक्षी अनुपात (4.75) 4.75
वैधानिक तरलता अनुपात (24) 24.00

आरबीआई के अनुसार, इन नीतिगत निर्णयों से अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी लाने, महंगाई कम करने तथा व्यवस्था में तरलता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था का आकलन प्रस्तुत करते हुए सुब्बाराव ने कहा कि आरबीआई का अनुमान है कि 2012-13 सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रह सकती है।

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बैंक ने कहा, "घरेलू मांग-पूर्ति संतुलन, जिंसों की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों और मांगों को देखते हुए मार्च 2013 के लिए थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर का अनुमान 6.5 फीसदी रखा जाता है।"