यह ख़बर 27 जून, 2013 को प्रकाशित हुई थी

भारत पर विदेशी कर्ज का बोझ बढ़कर 390 अरब डॉलर पहुंचा

खास बातें

  • भारत का विदेशी ऋण 2012.13 में करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 390 अरब डॉलर पहुंच गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि अल्पकालिक व्यापार ऋण एवं विदेशी वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) के बढ़ने के चलते विदेशी ऋण में यह बढ़ोतरी हुई।
मुंबई:

भारत का विदेशी ऋण 2012.13 में करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 390 अरब डॉलर पहुंच गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि अल्पकालिक व्यापार ऋण एवं विदेशी वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) के बढ़ने के चलते विदेशी ऋण में यह बढ़ोतरी हुई।

आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘वर्ष 2012-13 के दौरान चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मार्च, 2012 के अंत में भारत पर कुल करीब 345.5 अरब डॉलर का विदेशी ऋण था।''

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आंकड़ों के मुताबिक, कुल ऋण में ईसीबी की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही, जबकि अल्पकालिक ऋण की 24.8 प्रतिशत एवं एनआरआई जमाओं की 18.2 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।