यह ख़बर 12 अप्रैल, 2013 को प्रकाशित हुई थी

औद्योगिक उत्पादन फरवरी में 0.6 फीसदी बढ़ा

खास बातें

  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर आधारित देश की औद्योगिक उत्पादन दर फरवरी 2013 में 0.6 फीसदी रही, जो वित्त वर्ष 2011-12 की समान अवधि में 4.30 फीसदी थी। यह जानकारी शुक्रवार को जारी केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों से सामने आई है।
नई दिल्ली:

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर आधारित देश की औद्योगिक उत्पादन दर फरवरी 2013 में 0.6 फीसदी रही, जो वित्त वर्ष 2011-12 की समान अवधि में 4.30 फीसदी थी। यह जानकारी शुक्रवार को जारी केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों से सामने आई है।

उपभोक्ता वस्तु को छोड़कर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में समाहित अन्य सभी क्षेत्रों को गिरावट का सामना करना पड़ा। खनन, बिजली और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तु क्षेत्र का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इससे पता चलता है कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में औद्योगिक सुस्ती जारी है। आईआईपी में जनवरी में 2.4 फीसदी तेजी आई थी।

आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन में 8.1 फीसदी की गिरावट रही, जिसमें पिछले साल की समान अवधि में 2.3 फीसदी तेजी थी। जनवरी 2013 में इसमें 2.9 फीसदी गिरावट रही।

आलोच्य अवधि में बिजली उत्पादन में 3.2 फीसदी गिरावट रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में आठ फीसदी तेजी थी।

इसी अवधि में हालांकि विनिर्माण उत्पादन में 2.2 फीसदी तेजी रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसदी तेजी थी।

उपभोक्ता वस्तु में 0.5 फीसदी तेजी रही, जिसमें एक साल पहले 0.4 फीसदी गिरावट थी।

अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।

कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।

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सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।