मुंबई: कमोडिटी रेगुलेटर एफएमसी का आज सेबी में विलय हो गया। देश में दो नियामकों के विलय की अपनी तरह की पहली पहल के तहत 60 साल पुरानी जिंस नियमन संस्था वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के पूंजी बाजार नियामक सेबी के साथ विलय के मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने औपचारिक रूप से शेयर बाजार का पारंपरिक घंटा बजाया।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष यू के सिन्हा ने कहा कि जिंस बाजार की इकाइयों को नयी व्यवस्था में समायोजित होने में एक साल का समय मिलेगा क्योंकि उन्हें वैसे ही मानदंडों का पालन करना होगा जो इक्विटी बाजार में उनके समकक्षों पर लागू हैं।
सिन्हा ने कहा, ‘कोई बाधा न हो... कोई अंतराल न हो . यह सुनिश्चित करने के लिए हम कुछ समय दे रहे हैं ताकि वे नए नियमों के अनुकूल हो सकें।’