खास बातें
- महंगाई से चिंतित गृहमंत्री चिदंबरम ने बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार के हाथ में हर कारगर उपकरण उपाय होने पर संदेह जताया।
New Delhi: बढ़ती महंगाई से चिंतित गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार के हाथ में हर कारगर उपकरण उपाय होने पर संदेह जताया। एक कार्यक्रम में चिदंबरम ने कहा, मुद्रास्फीति काफी ऊंची है, खाद्य वस्तुओं की महंगाई काफी बढ़ी हुई है...हमें पक्का विश्वास नहीं है कि खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए हमारे पास सभी तरह के उपाय हैं। गृह मंत्रालय में आने से पहले वित्तमंत्री रह चुके चिदंबरम ने कहा कि कीमतों पर स्थिरता बनाए रखने का दायित्व हम पर है, पर सरकार द्वारा तय की जाने वाली कुछ कीमतों में वृद्धि करने की जरूरत है। चिदंबरम ने कहा कि मुद्रास्फीति से बुरा कोई कर नहीं है। अगर आपकी आमदनी काफी अधिक है, तो उसे महंगाई खा जाती है। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 18 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में 10 सप्ताह के शीर्ष 14.44 प्रतिशत पर पहुंच गई। इस दौरान सालाना आधार पर खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें करीब 40 प्रतिशत तक बढ़कर 75.80 रुपये किलो पहुंच गईं। वहीं नवंबर, 2010 में कुल मुद्रास्फीति 7.48 प्रतिशत रही। प्याज के अलावा टमाटर एवं अन्य हरी सब्जियों की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।