खास बातें
- वित्तवर्ष 2010-11 के दौरान बैंकों से कर्ज का उठाव 20.6 प्रतिशत अधिक रहा, जबकि एक साल पहले इसमें 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
Mumbai: समाप्त वित्तवर्ष 2010-11 के दौरान बैंकों से कर्ज का उठाव 20.6 प्रतिशत अधिक रहा, जबकि एक साल पहले इसमें 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। इससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने का आभास मिलता है। रिजर्व बैंक के इस संबंध में शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इस दौरान अर्थव्यवस्था के दो प्रमुख क्षेत्रों-कृषि और उद्योग में हालांकि वर्ष 2009-10 की तुलना में सालाना कर्ज उठाव की वृद्धि कुछ धीमी रही। आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2011 की समाप्ति पर बैंकों का कुल बकाया ऋण 36.67 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में बैंकों का कुल बकाया ऋण 30.40 लाख करोड़ रुपये पर था। रिजर्व बैंक के वक्तव्य के अनुसार, वर्ष 2010-11 की समाप्ति पर बैंकों के गैर-खाद्य ऋण में 20.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। एक साल पहले 2009-10 में गैर खाद्य ऋण में 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। बैंक ने कहा है कि कुल ऋण में सेवा और व्यक्तिगत स्तर पर लिए जाने वाले कर्ज में वृद्धि हुई है, जबकि कृषि और उद्योग क्षेत्र के कर्ज की वृद्धि धीमी रही है। कृषि क्षेत्र की कर्ज वृद्धि 10.6 प्रतिशत रही है, जबकि एक साल पहले इस क्षेत्र की कर्ज वृद्धि 22.9 प्रतिशत रही थी। वक्तव्य के अनुसार, वर्ष 2010-11 में कृषि एवं संबंधित क्षेत्र का बकाया कर्ज 4.60 लाख करोड़ रुपये पर था, जबकि एक साल पहले यह 4.16 करोड़ रुपये पर था। इससे पहले मार्च, 2009 में कृषि क्षेत्र का कर्ज 3.38 लाख करोड़ रुपये रहा था।