यह ख़बर 30 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

हड़ताल से 270 उड़ानें रद्द, पायलटों को चेतावनी

खास बातें

  • दिल्ली उच्च न्यायालय की अवमानना नोटिस के बावजूद पायलटों की हड़ताल जारी रहने के कारण विमानन कम्पनी को 270 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
नई दिल्ली/मुम्बई:

विमानन कम्पनी एयर इंडिया ने हड़ताल पर गए करीब 800 पायलटों को हड़ताल खत्म करने के लिए कहा है। कंपनी के अनुसार ऐसा न करने की स्थिति में उन्हें नौकरी से हटाया जा सकता है। इस बीच दिल्ली उच्च न्यायालय की अवमानना नोटिस के बावजूद पायलटों की हड़ताल जारी रहने के कारण विमानन कम्पनी को करीब 270 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर दिल्ली और मुम्बई हवाईअड्डों पर पड़ा है। एक अधिकारी ने बताया दिल्ली से सामान्य स्थिति में 67 उड़ानों का संचालन होता लेकिन अभी केवल 15 उड़ानों का संचालन हो रहा है। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "उच्च न्यायालय द्वारा कल (गुरुवार) दिए गए फैसले के अनुरूप पायलट काम पर लौटें या फिर वह अवकाश का वैध कारण बताएं।" अधिकारी के मुताबिक पायलटों को शुक्रवार शाम पांच बजे तक प्रबंधन को अपना जवाब देने का समय दिया गया था। अधिकारी ने कहा, "उनके पास शाम पांच बजे तक का समय है। यदि वे बीमार हैं या बेहतर महसूस नहीं कर रहे हैं तो हम उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे और यह मुफ्त होगी जो कि हमारी कम्पनी का नियम है।" प्रबंधन और हड़ताल पर गए पायलटों के संघ के अड़ियल रुख को देखते हुए विमानन कम्पनी ने घरेलू और क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए टिकटों की बुकिंग स्थगित कर दी है। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "नई बुकिंग चार मई से शुरू होगी।" दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पायलटों को तुरंत हड़ताल समाप्त करने का आदेश देते हुए अवमानना की प्रक्रिया शुरू करने और ऐसा नहीं करने पर संघ की सम्पत्ति जब्त करने की चेतावनी दी थी। इस बीच एयर इंडिया की उड़ानों के रद्द होने के कारण टिकट रद्द कराने वाले यात्रियों के सामने एक और मुश्किल पैदा हो गई है। उन्हें अन्य एयरलाइंस में टिकट लेने के लिए 50 से 75 प्रतिशत अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। यात्रियों ने शिकायत की है कि दिल्ली-मुम्बई के लिए अंतिम समय में बुकिंग कराने पर आधार किराया 2400 से 3000 रुपये बनता है जो अब कुछ एयरलाइंस में 7500 रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह सभी तरह के कर सहित एक तरफ का किराया 11,500 रुपये पड़ रहा है। भारतीय व्यावसायिक पायलट संघ के सदस्य, जो पूर्व में इंडियन एयरलाइंस के कर्मचारी थे, अपने वर्तमान साथियों के बराबर वेतन और बेहतर कार्य माहौल की मांग कर रहे हैं। इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में विलय कर दिया गया था। (कुछ अंश आईएएनएस से)


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