यह ख़बर 21 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

जेपीसी ने राजा, बेहुरा को बुलाने का फैसला किया

खास बातें

  • टूजी मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति ने इस मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व संचार मंत्री ए राजा और पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को जेपीसी के समक्ष तलब करने का निर्णय किया है।
नई दिल्ली:

टूजी मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति ने इस मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व संचार मंत्री ए राजा और पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को जेपीसी के समक्ष तलब करने का निर्णय किया है।

जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको ने समिति की बैठक के बाद बुधवार को कहा, ‘हमने राजा और बेहुरा को बुलाने का फैसला किया है। राजा के पेश होने की तारीख अभी तक तय नहीं हुई है हालांकि बेहुरा को 11 अप्रैल को बुलाया जाएगा।’ बेहुरा फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं और उनकी जेपीसी के समक्ष मौजूदगी के लिए समिति जेल अधिकारियों को पत्र लिखेगी।

जेपीसी ने इससे पहले तिहाड़ के अधिकारियों को बेहुरा को अपने समक्ष पेश होने के लिए लिखा था, जिसके लिए सीबीआई की अदालत ने पिछले साल जुलाई में अनुमति दी थी। लेकिन समिति ने उन्हें कभी बुलाया नहीं था।

सूत्रों ने कहा कि जेपीसी ने राजा को बुलाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि वह पूर्व मंत्री द्वारा किये गये कथित गैरकानूनी क्रियाकलापों का पता लगाना चाहती है।

एक सदस्य ने कहा, ‘समिति के समक्ष पेश हुए कुछ अधिकारियों ने सहमति जताई थी कि राजा ने पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर फैसला करने में दूरसंचार विभाग और अधिकारियों की सलाह मानी। इसलिए उनके द्वारा किये गये कथित अवैध क्रियाकलापों का पता लगाने के लिए यह जरूरी है।’ समिति ने आज पूर्व संचार सचिव डीएस माथुर से पूछताछ की, जो जुलाई 2006 से फरवरी 2007 तक इस पद पर रहे।

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समझा जाता है कि माथुर ने समिति को बताया कि राजा ने कई मुद्दों पर दूरसंचार विभाग और उसके अधिकारियों की सलाह मानी। माना जा रहा है कि उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने राजा के कुछ फैसलों का विरोध किया था लेकिन उन्होंने ऑन रिकार्ड अपना विरोध दर्ज नहीं कराया।