WPI Inflation Data: राहत भरी खबर... जुलाई में थोक महंगाई दर घटकर 2.04% पर आई

WPI inflation In July 2024: DPIIT के अनुसार, विनिर्मित उत्पाद समूह के लिए WPI आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर जुलाई 2024 में बढ़कर 1.58 प्रतिशत हो गई, जो जून 2024 में 1.43 प्रतिशत थी.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
WPI Inflation Data: थोक मूल्य सूचकांक में जुलाई में गिरावट इस महीने के खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) के आंकड़ों के अनुरूप रही.
नई दिल्ली:

देश में थोक मूल्य यानी होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) आधारित मुद्रास्फीति में कमी आई है.सरकार द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई महीने में थोक मुद्रास्फीति घटकर 2.04 प्रतिशत रह गई, जो कि जून महीने में 3.36 प्रतिशत थी

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  X पर पोस्ट में कहा  ‘‘जुलाई 2024 में WPI आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर 2.04 प्रतिशत रही, जबकि जून 2024 में यह 3.36 प्रतिशत थी.''

ईंधन और बिजली के लिए मुद्रास्फीति बढ़कर 1.72 प्रतिशत

जुलाई 2024 में प्राथमिक उत्पादों के लिए WPI आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर 3.08 प्रतिशत रही, जबकि जून 2024 में यह 8.80 प्रतिशत थी. वहीं, ईंधन और बिजली के लिए WPI आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर जुलाई 2024 में बढ़कर 1.72 प्रतिशत हो गई, जो जून 2024 में 1.03 प्रतिशत थी.

DPIIT के अनुसार, विनिर्मित उत्पाद समूह के लिए WPI आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर जुलाई 2024 में बढ़कर 1.58 प्रतिशत हो गई, जो जून 2024 में 1.43 प्रतिशत थी.

खुदरा मुद्रास्फीति पांच साल के निचले स्तर पर

थोक मूल्य सूचकांक में जुलाई में गिरावट इस महीने के खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) के आंकड़ों के अनुरूप रही. इस सप्ताह की शुरुआत में जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति पांच साल के निचले स्तर 3.54 प्रतिशत पर आ गई.

Advertisement

RBI ने लगतार नौवीं बार Repo Rate में नहीं किया बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है. आरबीआई ने अगस्त की मौद्रिक नीति समीक्षा (RBI MPC) में नीतिगत दर (Repo Rate) को लगातार नौवीं बार 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा था.
 

Featured Video Of The Day
पत्नी ने प्रेमी देवर संग पति को उतारा मौत के घाट, लाश के बगल में सोकर करती रही नाटक