Anil Aggrawal Son: लाइमलाइट से दूर पर वेदांता ग्रुप में अहम भूमिका, जानिए कौन थे और क्या करते थे अनिल अग्रवाल के बेटे
वेदांता समूह (Vedanta Group) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) के बेटे अग्निवेश अग्रवाल (Agnivesh Agarwal) का 49 वर्ष की उम्र में अमेरिका में निधन हो गया. उनके अचानक चले जाने से कॉरपोरेट जगत में शोक की लहर है. वो अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे और इलाज के बीच कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर बेहद ही भावुक पोस्ट लिखा और शनिवार, 7 जनवरी को अपने जीवन का सबसे दर्दनाक दिन बताया.
विदेश में पढ़ाई, अनुभव लेकर भारत लौटे?
अग्निवेश अग्रवाल (Agnivesh Agarwal) ने अमेरिका से पढ़ाई की थी. उच्च शिक्षा लेने के बाद वो सीधे अपने पिता की कंपनी में शामिल नहीं हुए, बल्कि उन्होंने कुछ समय विदेश में प्रोफेशनल एक्सपोजर लिया, ताकि ग्लोबल बिजनेस मॉडल, फाइनेंस और कॉरपोरेट गवर्नेंस को करीब से समझ सकें. यही अनुभव बाद में उनके भारत लौटकर वेदांता ग्रुप की कंपनियों में काम निभाने में काम आया.
वेदांता ग्रुप में क्या थी उनकी भूमिका?
भारत लौटने के बाद अग्निवेश अग्रवाल, वेदांता ग्रुप की प्रमुख इकाइयों से जुड़े. वे तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल थे. यह कंपनी पंजाब की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर परियोजनाओं में गिनी जाती है. बोर्ड मेंबर के रूप में उनकी भूमिका कंपनी की स्ट्रैटजी यानी नीति निर्धारण, निवेश के फैसलों और दीर्घकालिक रणनीति से जुड़ी थी. वे सीधे तौर पर तो डेली ऑपरेशन में बहुत हस्तक्षेप नहीं करते थे, लेकिन कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी और विस्तार योजनाओं पर फोकस रखते थे.
लाइमलाइट से दूर रहते थे अग्निवेश अग्रवाल
अग्निवेश अग्रवाल लाइमलाइट से दूर रहने वाले उद्योगपति थे. वे सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर कम ही दिखते थे. हालांकि वेदांता ग्रुप के भीतर उन्हें एक सधे हुए और दूरदर्शी बोर्ड सदस्य के रूप में जाना जाता था. खासतौर पर ग्रुप के एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में उनकी समझ काफी अहम मानी जाती रही है.
खबरों के मुताबिक, अग्निवेश अग्रवाल निजी यात्रा और अवकाश के सिलसिले में अमेरिका गए थे. इसी दौरान वे स्कीइंग गतिविधि में शामिल हुए, जहां उन्हें चोट लगी. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया.
अनिल अग्रवाल ने बेटे के निधन को अपने जीवन का 'सबसे कठिन दिन' बताया. उद्योग जगत के कई दिग्गजों और कॉरपोरेट नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उनका असामयिक निधन वेदांता ग्रुप और भारतीय कॉरपोरेट जगत, दोनों के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है.














