Vijaypat Singhania: भारतीय कॉर्पोरेट जगत के एक युग का अंत हो गया. दिग्गज उद्योगपति और रेमंड ग्रुप को घर-घर की पहचान बनाने वाले पद्म भूषण डॉ. विजयपत सिंघानिया का शनिवार रात 87 साल की आयु में निधन हो गया. उनके बेटे और रेमंड के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए इसकी जानकारी दी. डॉ. सिंघानिया केवल एक सफल बिजनेसमैन ही नहीं थे, बल्कि वो एक साहसी पायलट, रिकॉर्ड बनाने वाले एडवेंचरर और भारतीय परिवारों के लिए विरासत के प्रतीक थे. 21 साल पहले एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ऐसी कई बातें साझा की थीं, जिसके बारे में पहले किसी को नहीं पता था.
जब विमान पर चली थीं गोलियां
विजयपत सिंघानिया का जीवन रोमांच से भरा रहा. एनडीटीवी के फेमस शो वॉक द टॉक में बातचीत के दौरान उन्होंने अपने जीवन के सबसे खतरनाक पलों को साझा किया था. उन्होंने बताया था कि उड़ान के लिए उनका जुनून अक्सर उन्हें जोखिम भरी परिस्थितियों में ले जाता था. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उस घटना का जिक्र किया जब उनके विमान पर गलती से गोली चलाई गई थी. वो पल उनके करियर का सबसे डरावना लेकिन यादगार अनुभव था. उन्होंने बताया कि कैसे वो मौत के मुंह से वापस आए थे. एक बुलेट उनके फ्यूल टैंक के पास लगी थी. उस समय एयरक्राफ्ट में उनकी फैमिली भी मौजूद थी.
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फ्लाइंग के प्रति उनकी दीवानगी ऐसी थी कि उन्होंने एक बार अपने विमान को गंगा नदी के ऊपर बने एक पुल के नीचे से भी निकाला था, हालांकि उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि अब उनका लाइसेंस नहीं है, इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती.
रिकॉर्ड तोड़ने का जुनून
साल 2005 में, 67 साल की उम्र में, विजयपत सिंघानिया (Vijaypat Singhania) ने एक और ऐतिहासिक कारनामा किया था. उन्होंने हॉट एयर बैलून में सबसे अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड बनाने का फैसला किया. मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स से उड़ान भरते समय उनके बैलून के सिस्टम फेल हो गए थे. वो समुद्र में गिरने ही वाले थे. यहां तक की कॉस्ट गार्ड का हेलीकॉप्टर उन्हें बचाने के लिए निकल चुका था, लेकिन हार ना मानने वाले सिंघानिया ने खुद से कहा, 'पैनिक मत हो विजय, तुम ये कर सकते हो'.. उन्होंने 5 हजार फीट की ऊंचाई पर फिर से कंट्रोल पाया और आखिर में 70 हजार फीट की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचे.
कपड़ों से लेकर 'द कम्प्लीट मैन' तक का सफर
विजयपत सिंघानिया ने रेमंड को एक फैब्रिक ब्रांड से ऊपर उठाकर एक इमोशन बनाया. द कम्प्लीट मैन का उनका एड कैंपेन आज भी सबसे सफल कहानियों में से एक माना जाता है. उन्होंने भारतीय पुरुषों को सलीके और विरासत का अहसास कराया.














