देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के लिए साल 2026 की शुरुआत एक गहरे सदमे के साथ हुई है. उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल (49 वर्ष) के अचानक निधन ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. इस दुखद घड़ी में सोशल मीडिया पर संवेदनाओं की बाढ़ आ गई है, वहीं अनिल अग्रवाल के बेटे के निधन के बाद अब लोग इस दिग्गज बिजनेस परिवार और उनकी विरासत के बारे में जानना चाह रहे हैं.
लोग जानना चाहते हैं कि अनिल अग्रवाल कौन हैं, उनके परिवार में कौन-कौन है और उन्होंने इतना बड़ा बिजनेस कैसे खड़ा किया. अब जब उनके बेटे इस दुनिया में नहीं रहे तो इस बिजनेस को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी किसके कंधे होगी? आइए जानते हैं...
Photo Credit: X: पीएम नरेंद्र मोदी ने अनिल अग्रवाल के बेटे के असामायिक निधन पर दुख जताया है.
कौन हैं अनिल अग्रवाल?
अनिल अग्रवाल Vedanta Resources के फाउंडर और चेयरमैन हैं. उन्होंने 1976 में इस कंपनी की शुरुआत एक छोटी केबल कंपनी से की थी. बहुत कम उम्र में उन्होंने अपने पिता के साथ स्क्रैप के काम से बिजनेस की दुनिया में कदम रखा.कई बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे धीरे Vedanta को मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे बड़े सेक्टर में खड़ा किया.एक साधारण परिवार से निकलकर अरबों की कंपनी बनाने वाले अनिल अग्रवाल की कहानी आम लोगों के लिए भी प्रेरणा है.
अनिल अग्रवाल के परिवार में कौन-कौन हैं?
अनिल अग्रवाल का परिवार हमेशा से सादगी के लिए जाना जाता रहा है. परिवार में उनकी पत्नी किरण अग्रवाल हैं, जो लाइमलाइट से दूर रहकर परिवार की धुरी बनी रही हैं. उनके दो बच्चे थे. बेटे अग्निवेश अग्रवाल और बेटी प्रिया अग्रवाल. हाल ही में बेटे अग्निवेश का अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है. बेटे के निधन के बाद अग्निवेश के बारे में बताते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह सिर्फ एक बेटा नहीं, बल्कि उनका सबसे करीबी दोस्त और गर्व था.
बेटे अग्निवेश अग्रवाल की बिजनेस दुनिया में थी अलग पहचान
अग्निवेश अग्रवाल ने बिजनेस दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी. उन्होंने 'Fujairah Gold' जैसी कंपनी खड़ी की थी और Hindustan Zinc के चेयरमैन भी रहे. वह Vedanta Group की कंपनी Talwandi Sabo Power Limited के बोर्ड में शामिल थे.
बेटी प्रिया अग्रवाल के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी
उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल वर्तमान में Vedanta और Hindustan Zinc के बोर्ड में शामिल हैं और हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन के तौर पर बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. बिजनेस में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और आने वाले समय में Vedanta की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर रहने की उम्मीद है.
कितनी है अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति?
एक स्क्रैप यानी कबाड़ व्यापारी से अपना सफर शुरू करने वाले अनिल अग्रवाल आज भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार हैं. फोर्ब्स (Forbes) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 4.2 अरब डॉलर यानी लगभग 35,000 करोड़ रुपये है.
वेदांता साल 2003 में London Stock Exchange में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी. बाद में 2019 में अनिल अग्रवाल ने कंपनी को फिर से प्राइवेट कर लिया. मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल एंड गैस जैसे बड़े सेक्टर में फैले वेदांता ग्रुप का कारोबार आज भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैला हुआ है.
75% दौलत दान करने का संकल्प
इतनी बड़ी संपत्ति के मालिक होने के बावजूद अनिल अग्रवाल अपनी सादगी और दानवीर स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने 'Giving Pledge' के तहत अपनी 75 फीसदी संपत्ति समाज सेवा के लिए दान करने का वादा किया है. अनिल अग्रवाल ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि वह अपनी कमाई का 75 फीसदी हिस्सा समाज के कामों में लगाएंगे.बेटे के निधन के बाद उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब वह और भी सादगी से जीवन बिताएंगे और अग्निवेश के सपनों को पूरा करने के लिए समाज सेवा के कामों को और तेजी से आगे बढ़ाएंगे.
कौन संभालेगा अब सपनों की विरासत?
अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका है.अब जबकि वह इस दुनिया में नहीं हैं, अनिल अग्रवाल का पूरा ध्यान अपनी बेटी प्रिया अग्रवाल और उनके साथ मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने के मिशन होगा. आने वाले समय में वह ग्रुप की बड़ी जिम्मेदरी संभालती नजर आ सकती हैं.
अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश का सपना था कि देश में कोई बच्चा भूखा न सोए और हर युवा को काम मिले, इसी संकल्प को लेकर अब अग्रवाल परिवार आगे बढ़ने जा रहा है.
ये भी पढ़ें- बेटे के निधन के बाद वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल दान करेंगे 75% संपत्ति, बोले- 'सादगी से जिऊंगा, पूरी जिंदगी'














