"पिछले कुछ दिनों में आपने जो प्यार, दुआएं और साथ दिया, वो मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता. आप सब के सपोर्ट के साथ मुझे एक पल के लिए भी अकेला महसूस नहीं हुआ. यही हिंदुस्तान की खूबसूरती है कि मुश्किल वक्त में लोग अपने-आप जुड़ जाते हैं और किसी को टूटने नहीं देते. वक्त तो अपनी रफ्तार से चलता रहता है, कभी किसी के लिए नहीं रुकता... इसी का नाम जिंदगी है. अग्निवेश ने जो सपने देखे थे, अब वो मुझे पूरे करने हैं. आप सभी में मुझे कई अग्निवेश दिखते हैं… और इसी हौसले के साथ मैं आगे बढ़ने की हिम्मत जुटा रहा रहा हूं. सभी की प्रार्थनाओं के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया."
ये इमोशनल पोस्ट लिखी है, देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) ने. बेटे अग्निवेश अग्रवाल को याद करते हुए अनिल अग्रवाल (Vedanta Chairman) ने एक बार फिर पोस्ट कर सबको भावुक कर दिया है. इस बार उन्होंने मुश्किल दौर में साथ देने के लिए लोगों का धन्यवाद किया है.
बेटे अग्निवेश का सपना पूरा करेंगे अनिल अग्रवाल
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इस भावुक पोस्ट में उन तमाम लोगों का धन्यवाद किया है, जिन्होंने उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद बेहद मुश्किल दौर में उनका ढाढ़स बंधाया, उनका साथ दिया. दरअसल बेटे अग्निवेश के निधन के बाद अनिल अग्रवाल काफी टूट गए थे. 7 जनवरी को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल पोस्ट लिखी, जिसे पढ़ते हुए हर किसी की आंखें भर आई थीं.
'एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी, इससे बुरा और क्या...'
अनिल अग्रवाल ने लिखा था, 'मेरा अग्निवेश, मेरा 49 साल का बेटा, हमारे बीच नहीं रहा. एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी जाए, इससे बुरा और क्या हो सकता है. हमें लग रहा था, सब ठीक हो जाएगा...लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट... और हमारा बच्चा हमें छोड़कर चला गया.'
'अपनी मां का दुलारा अग्नि बचपन में बेहद चंचल और शरारती था. हमेशा हंसता, हमेशा मुस्कुराता. यारों का यार था वो. वो सिर्फ बेटा नहीं था, वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था, मेरी पूरी दुनिया था.
मैं और किरन टूट-से गए हैं.'
एक पिता, जिनका 49 वर्ष का इकलौटा बेटा, ऐसे दुनिया छोड़ जाए, उस पिता पर क्या बीती होगी और उस पिता की ऐसी भावुक पोस्ट पढ़कर भला किसकी आंखें नम नहीं हो जाएंगी!
कैसे हुई थी अग्निवेश अग्रवाल की मौत?
अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में स्कीइंग करने गए थे, जहां उनका एक्सीडेंट हो गया. इसके बाद न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल ( Mount Sinai Hospital, New York) में उनका इलाज चल रहा था. वे ठीक भी हो रहे थे, लेकिन कार्डियक अरेस्ट आया और अग्निवेश इस दुनिया को विदा कह गए.
अनिल अग्रवाल पिछले 15-16 दिनों में अपने जीवन के बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, उनका ये दुख भरने नहीं वाला! बेटे की कमी भला कैसे पूरी हो पाएगी. लेकिन उन्होंने खुद को मजबूत बनाया और बेटे का सपना पूरा करने का संकल्प लिया है.
फोटो पर क्लिक कर पढ़ें- 'आपने मुझे टूटने नहीं दिया, मुझे आप सबमें मेरा बेटा अग्निवेश दिखता है',














