GST Raids in UP: उत्तर प्रदेश में 185 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है. मामला पान मसाला और तंबाकू के अवैध कारोबार से जुड़ा है. वित्त मंत्रालय की GST इंटेलिजेंस टीम ने बांदा और चित्रकूट जिलों में आधी रात बड़ा छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें 185 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का भंडाफोड़ हुआ. ये फैक्ट्रियां बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रही थीं, जहां से 15.5 लाख से ज्यादा पान मसाला और तंबाकू के पाउच जब्त किए गए. DGGI ने खुफिया जानकारी के बाद ये छापेमारी की और फिर सबूतों के आधार पर तंबाकू फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया.
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने आज शुक्रवार 21 अगस्ता को इस मामले की जानकारी दी है. फैक्ट्री के मालिक को 19 अगस्त, बुधवार को गिरफतार किया गया था.
खुफिया सूचना थी.. GST, सेस समेत बड़ी टैक्स चोरी
DGGI की लखनऊ जोनल यूनिट को इस खुफिया नेटवर्क की भनक लगी थी, जिसके बाद कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. शुक्रवार को DGGI ने बताया कि इस अवैध नेटवर्क के जरिए जीएसटी, HSNS सेस और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी मिलाकर लगभग 185 करोड़ रुपये की चोरी की जा रही थी.
छापेमारी के दौरान मौके से 27 ऐसी पाउच-पैकिंग मशीनें मिली हैं, जिनकी जानकारी सरकार को नहीं दी गई थी. इनमें 9 मशीनें पान मसाला, 6 मशीनें सुगंधित जर्दा और 12 मशीने देसी गुटखा बनाने वाली हैं.
दोनों जिलों में 6 अलग-अलग ठिकानों से 15,50,922 तैयार पाउच बरामद हुए. इसके अलावा 32.9 मीट्रिक टन (MT) सुपारी, 2.8 MT तंबाकू, 470 किलो कत्था और 850 किलो ग्लिसरीन और अन्य कच्चा माल भी भारी मात्रा में जब्त किया गया है.
आधी रात ऑपरेशन और मालिक गिरफ्तार
जीएसटी इंटलिजेंस टीम को जानकारी मिलने के बाद 18 अगस्त की आधी रात को इन 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी (मालिक) ने बिना रजिस्टर्ड परिसरों और छिपाई गई मशीनों के जरिए ये पूरा जाल बिछा रखा था. सबूतों के आधार पर फैक्ट्री मालिक को 19 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया और लखनऊ के स्पेशल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (कस्टम) की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
टैक्स चोरी के लिए छिपाई गईं मशीनें
1 फरवरी 2026 से पान मसाला और तंबाकू सेक्टर में टैक्स का एक नया नियम लागू हुआ है- Health Security se National Security Cess Act, 2025 (HSNS). इस नए कानून के तहत अब पान मसाला पर लगने वाला सेस (Cess) इस बात पर तय होता है कि फैक्ट्री में कितनी मशीनें लगी हैं और उनकी पैकिंग क्षमता क्या है.
इसी तरह जर्दा और गुटखा पर भी 'सेंट्रल एक्साइज एक्ट' के तहत मशीनों की क्षमता के आधार पर टैक्स लगता है. यही वजह है कि टैक्स से बचने के लिए जालसाज मशीनों की जानकारी छिपा रहे थे और चोरी-छिपे माल तैयार कर रहे थे.
7 महीने के भीतर पकड़ी गई 668 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी
DGGI इस नए कानून के लागू होने के बाद से ही ऐसे अवैध धंधों पर नजर गड़ाए हुए है. डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर 1 फरवरी 2026 से अब तक देशभर में टैक्स चोरी के 27 बड़े मामले पकड़े जा चुके हैं. इन कार्यवाइयों में कुल 668 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है.
जांच के दौरान ही 11.7 करोड़ रुपये का टैक्स जमा भी कराया जा चुका है. DGGI की ओर से बताया गया कि अब तक 131 पाउच-पैकिंग मशीनें सील की गई हैं और 17 लोगों को जेल भेजा जा चुका है. DGGI की जांच अभी जारी है और अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में आगे और भी बड़ी रिकवरी हो सकती है.
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