देश में इस समय रिटर्न फाइल का समय चल रहा है. 31 जुलाई 2026 को आईटीआर भरने की आखिरी तारीख है. ऐसे में अगर आपने अभी रिटर्न का प्रोसेस शुरू नहीं किया है तो जल्द ही कर लीजिए. टैक्स से जुड़ा एक बड़ा सवाल है कि क्या देश में ऐसी कोई इनकम है, जिस पर टैक्स नहीं लगता हो. तो आपको बता दें कि देश में एक नहीं बल्कि 8 ऐसी इनकम हैं, जिन पर एक रुपये भी टैक्स का नहीं देना होता. यानी ये बिल्कुल टैक्स फ्री हैं. इस जानकारी के लिए हमने टैक्स एक्सपर्ट सीए राजा मंगला से बात की. उन्होंने इनकम टैक्स एक्ट की 8 उन कमाईंयों के बारे में बताया, जहां टैक्स का कोई झंझट ही नहीं है.
एग्रीकल्चर से होने वाली इनकम
देश में एग्रीकल्चर लैंड से होने वाली कमाई को इनकम टैक्स से पूरी तरह बाहर रखा गया है. यानी खेती, फसलों की बिक्री या फिर मिलने वाला किराया इसमें शामिल है. हालांकि सीए राजा मंगला के अनुसार अगर आपकी एग्रीकल्चर इनकम 5 हजार रुपए से ज्यादा है और दूसरी कमर्शियल इनकम टैक्स छूट की लिमिट से ऊपर हैं तो टोटल टैक्स रेट कैलकुलेशन में इसे आशिंक जोड़ा जा सकता है.
रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट्स
शादी-ब्याह में या किसी भी खास मौके पर अपने नजदीकी से मिलने वाले कैश के साथ प्रॉपर्टी गिफ्ट्स पर कोई टैक्स नहीं लगता. पर अगर एक वित्त वर्ष में इसकी टोटल वैल्यू 50 हजार रुपये से ज्यादा हो जाती है तो फिर पूरे अमाउंट पर टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा.
लाइफ इंश्योरेंस का मामला
सेक्शन 10(10D) के अनुसार लाइफ इंश्योरेंस की मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है. हालांकि सरकार ने हाई प्रीमियम पॉलिसी के साथ कुछ यूलिप पर टैक्स के नए नियम लागू किए हैं, लेकिन डेथ क्लेम अमाउंट हमेशा टैक्स फ्री रहती है, चाहे प्रीमियम का अमाउंट कुछ भी हो.
पीपीएफ और ईपीएफ का पैसा
पीपीएफ का पैसे हमेशा से टैक्स फ्री कैटेगरी में आता है. इसका मतलब निवेश की हुई रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के पूरे पैसे पर कोई टैक्स नहीं देना होता. वहीं दूसरी तरफ ईपीएफ से लगातार 5 साल की नौकरी के बाद निकाला अमाउंट टैक्स के दायरे से बाहर रहता है.
कम्यूटेड पेंशन की अलग कहानी
नौकरी के बाद हर तरह की पेंशन टैक्स फ्री नहीं होती. पर सरकारी कर्मचारी को अगर एकमुश्त कम्यूटेड पेंशन मिली है, तो उसे इस दायरे से बाहर रखा जाएगा. हालांकि प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को इस पर आंशिक छूट
मिलती है. जो उनकी ग्रेच्युटी पर डिपेंड करती है.
हर तरह की स्कॉलरशिप टैक्स के दायरे से बाहर
पढ़ाई के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप पर कैसा भी टैक्स नहीं लगता है. साथ ही किसी भी कैटेगरी की स्कॉलरशिप हो, इसे सरकार ने टैक्सेबल इनकम से बाहर रखा है. वहीं वीरता पुरस्कार, सरकार से मिले किसी अवॉर्ड्स और रिलीफ फंड के जरिए होने वाली फाइनेंशियल मदद पर कोई टैक्स नहीं काटा जाता है.
सरकारी और निजी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी का फंडा
अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं और रिटायर या फिर नौकरी बदलने पर ग्रेच्युटी मिली है तो ये पूरी तरह से टैक्स फ्री है. प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए कहानी अलग है. यहां टैक्स फ्री की लिमिट 20 लाख रुपये हैं. यानी इससे ज्यादा मिलने वाले अमाउंट पर टैक्स लगाया जाएगा.
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