Swiggy Vs Zomato: जोमैटो के बाद स्विगी ने बढ़ा दी प्लेटफॉर्म फीस, जानिए ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना कहां सस्‍ता पड़ेगा?

Swiggy Platform Fees Hike: इससे पहले अन्य फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया था. जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में 19.2 प्रतिशत या 2.40 रुपये प्रति ऑर्डर का इजाफा किया था. 

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Swiggy ने बढ़ा दिया प्‍लेटफॉर्म फीस

Swiggy Hikes Platform Fees: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने खाना ऑर्डर करने पर लगने वाली प्लेटफॉर्म फीस को 17 प्रतिशत बढ़कर 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर (जीएसटी सहित) कर दिया है, जो पहले 14.99 रुपये थी. स्विगी ऐप की बिलिंग के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस में करीब 17 प्रतिशत या 2.59 रुपये का इजाफा किया गया है. 

स्विगी ने क्‍यों बढ़ा दी प्‍लेटफॉर्म फीस? 

कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि 'प्लेटफॉर्म के संचालन और रखरखाव' में मदद करने के उद्देश्य से की गई है. इससे पहले स्विगी ने अगस्त 2025 में स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में करीब 2 रुपये की वृद्धि की थी, जो कि पहले 12 रुपये थी.

कहां सस्‍ता पड़ेगा ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना?

इससे पहले अन्य फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया था. जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में 19.2 प्रतिशत या 2.40 रुपये प्रति ऑर्डर का इजाफा किया था. 

बढ़ोतरी के बाद नई प्लेटफॉर्म फीस 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर (जीएसटी से पहले) हो गई है, जो कि पहले 12.5 रुपये थी. जीएसटी सहित अब फीस 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर हो गई है.

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यानी कि कुल मिलाकर दोनों ही प्‍लेटफॉर्म पर ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना बराबर ही पड़ने वाला है.

LPG किल्‍लत के बीच फीस बढ़ोतरी 

प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है, जब हाल ही में एलपीजी की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिससे रेस्तरां की लागत में बढ़ोतरी देखी गई है. इससे पहले जोमैटो ने आखिरी बार सितंबर 2025 में प्लेटफॉर्म शुल्क में बदलाव किया था. इससे पहले, फरवरी 2025 में, जोमैटो ने त्योहारी सीजन के दौरान प्लेटफॉर्म शुल्क को 6 रुपये प्रति ऑर्डर से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया था.

Swiggy के शेयरों में तेजी

स्विगी के शेयरों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है. दोपहर 12:30 बजे स्विगी 2.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 279.55 रुपये पर था. बीते एक हफ्ते में शेयर 5 प्रतिशत से अधिक और एक महीने में 10 प्रतिशत से ज्यादा फिसल चुका है. वहीं, बीते छह महीनों में इसमें 36 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट देखी गई है.

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