सुजलॉन के शेयरों में आया 'तूफान'! 43% तेजी के साथ 4 महीने के हाई लेवल पर पहुंचा, जानें क्यों रॉकेट बना ये स्टॉक और नया टारगेट

Suzlon Energy Share Price: सिर्फ एक महीने में ही इस स्टॉक ने 43% का भारी-भरकम रिटर्न दिया है, जिससे पिछले पांच महीनों से चली आ रही गिरावट का सिलसिला पूरी तरह थम गया है. वहीं, पिछले 5 दिनों में भी शेयर ने 7.32% का पॉजिटिव रिटर्न दिया है.

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Suzlon Energy Share Price Target: सुजलॉन के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार! 43% की बढ़त के साथ शेयर ₹57 के पार निकला.

Suzlon Energy Stock Update:रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy Share Price) के शेयरों में इन दिनों जबरदस्त तूफान आया हुआ है. बीते दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार में सुजलॉन के स्टॉक ने ऐसी उड़ान भरी कि पिछले चार महीनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए. अगर आप भी स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं, तो इस विंड एनर्जी कंपनी की रफ्तार को नजरअंदाज करना मुश्किल है. पिछले कुछ हफ्तों से निवेशकों में इस शेयर को खरीदने की होड़ मची है, जिससे यह शेयर अब काफी चर्चा में है.

 एक महीने में ही 43% की छलांग

सोमवार, 27 अप्रैल को सुजलॉन एनर्जी के शेयरों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. इंट्राडे ट्रेड के दौरान यह शेयर 6.6% की बढ़त के साथ ₹57.48 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले 4 महीनों का सबसे हाई लेवल है.हालांकि, कारोबार  के अंत में यह ₹56.87 पर बंद हुआ. दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ  एक महीने में ही इस स्टॉक ने 43% का भारी-भरकम रिटर्न दिया है, जिससे पिछले पांच महीनों से चली आ रही गिरावट का सिलसिला पूरी तरह थम गया है. वहीं, शॉर्ट-टर्म यानी पिछले 5 दिनों में भी शेयर ने अपनी रफ्तार बरकरार रखते हुए 7.32% का पॉजिटिव रिटर्न दिया है.

आखिर क्यों रॉकेट बने सुजलॉन के शेयर, जानें तेजी की वजह

1. GAIL का बड़ा ऑर्डर और सरकारी कंपनियों का भरोसा

सुजलॉन की इस तेजी के पीछे एक बड़ी वजह सरकारी कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) से मिला विंड एनर्जी प्रोजेक्ट का ऑर्डर है. यह करीब 100 मेगावाट (MW) का प्रोजेक्ट है और वित्त वर्ष 2026 में सुजलॉन को मिला यह चौथा बड़ा पीएसयू (PSU) ऑर्डर है. कंपनी महाराष्ट्र के नंदुरबार में 47 विंड टर्बाइन जनरेटर (S120 मॉडल) इंस्टॉल करेगी, जो गेल के पेट्रोकेमिकल प्लांट को क्लीन एनर्जी सप्लाई करेंगे.

2. यूरोप के बाजार में एंट्री और मिडिल ईस्ट संकट का असर

सुजलॉन अब केवल भारत तक सीमित नहीं है. पिछले हफ्ते कंपनी ने यूरोप के बाजार में अपने 5 मेगावाट और 6.3 मेगावाट के दमदार विंड टर्बाइन मॉडल लॉन्च किए हैं. इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव (Middle East War) के कारण दुनिया भर में अल्टरनेटिव एनर्जी की मांग बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा सुजलॉन जैसे रिन्यूएबल एनर्जी प्लेयर्स को मिल रहा है.

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3. दिग्गज निवेशकों ने बढ़ाया भरोसा

बाजार के बड़े खिलाड़ियों यानी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Institutional Investors) ने भी सुजलॉन पर दांव लगाना शुरू कर दिया है. मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, 30 म्यूचुअल फंड्स ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 4.87% कर ली है. वहीं, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भी अपनी ऑनरशिप बढ़ाकर 23.9% कर दी है. प्रमोटर्स के पास 11.7% हिस्सेदारी है, जबकि रिटेल निवेशकों के पास लगभग 55.2% स्टेक बना हुआ है.

4. रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और मजबूत कैश पोजीशन

कंपनी की फाइनेंशियल हालत भी काफी सुधर रही है. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) तक सुजलॉन की ऑर्डर बुक रिकॉर्ड 6.4 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 45% ज्यादा है. दिसंबर 2025 के अंत तक कंपनी के पास ₹1,556 करोड़ का नेट कैश बैलेंस था, जो कंपनी की मजबूती को दर्शाता है. अकेले महाराष्ट्र में ही कंपनी की 38% मार्केट हिस्सेदारी है.

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कहां तक जाएगा भाव? क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) सुजलॉन को लेकर काफी बुलिश (Bullish) है. उन्होंने इस स्टॉक पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और अगले 12 महीनों के लिए ₹64 का टारगेट प्राइस तय किया है. मौजूदा भाव ₹56.87 के हिसाब से देखें तो ब्रोकरेज का मानना है कि इसमें अभी 12.54% की और बढ़त की संभावना है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिजली की बढ़ती मांग और विंड सेक्टर में सुजलॉन की लीडरशिप इसे आने वाले समय में और ऊपर ले जा सकती है.
 

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