सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत थोड़ी सुस्त रही. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी कभी हल्की तेजी तो कभी हल्की गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे. एक तरफ कंपनियों के तिमाही नतीजों से उम्मीद बनी हुई है तो दूसरी तरफ अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.
शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा टूट गया जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 26,300 के नीचे चला गया. आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ दिखा जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा. HCL Tech के शेयर करीब 1 फीसदी तक टूटे.
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की चाल मिलीजुली रही. निफ्टी मिडकैप 100 लगभग सपाट रहा जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की तेजी देखने को मिली. इससे साफ है कि बड़े शेयरों में दबाव ज्यादा रहा जबकि छोटे शेयरों में खरीदारी बनी रही.सेक्टोरल मोर्चे पर आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा कमजोर रहा और इसमें करीब 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. वहीं मीडिया, मेटल और पीएसयू सेक्टर में अच्छी खरीदारी दिखी और ये सेक्टर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए.
ONGC के शेयर में करीब 2 फीसदी से ज्यादा तेजी
ONGC और SBI जैसे शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे. खासतौर पर ONGC के शेयर में करीब 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. ONGC के शेयर एक महीने के ऊपरी स्तर तक पहुंच गए.ONGC में यह तेजी अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई के बाद देखने को मिली.
अमेरिका-वेनेजुएला के तनाव का बाजार पर असर
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव ग्लोबल स्तर पर चिंता बढ़ा रहा है. बाजार एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर आगे चलकर दुनिया की राजनीति और बाजार दोनों पर पड़ सकता है. रूस और यूक्रेन का मुद्दा पहले से चल ही रहा है और अब नए तनाव से हालात और बिगड़ सकते हैं.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
हालांकि भारत के नजरिये से देखा जाए तो लंबे समय में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव रह सकता है जो देश के लिए थोड़ा राहत वाला संकेत हो सकता है. इसी बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत हल्की गिरावट के साथ करीब 60.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है.
तेल से जुड़े भारतीय शेयरों में आज अच्छी हलचल देखने को मिली. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर नए 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गए. इसके साथ ही ऑयल इंडिया, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसे शेयरों में भी मजबूती दिखी.
एक तरफ कंपनियों के नतीजे उम्मीद जगा रहे हैं तो दूसरी तरफ अमेरिका वेनेजुएला तनाव जैसे ग्लोबल मुद्दे निवेशकों को संभलकर चलने पर मजबूर कर रहे हैं. आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक ग्लोबल संकेतों और तेल की कीमतों पर निर्भर रहने वाली है.














