Stock Market Crash: इन 5 बड़ी वजहों से आज शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ स्वाहा

Stock Market Crash Today March 30, 2026: दोपहर 12.30 बजे तक बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 422.04 लाख करोड़ रुपए (शुक्रवार) से घटकर 416.06 लाख करोड़ रुपए रह गया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Stock Market News: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिका-ईरान युद्ध है.
नई दिल्ली:

भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए सोमवार, 30 मार्च का दिन किसी 'ब्लैक मंडे' से कम नहीं रहा. हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिससे शेयर बाजार में कोहराम मच गया. दोपहर के कारोबार तक सेंसेक्स करीब 1,200 अंक (1.6%) टूटकर 72,326 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी 50 भी 350 अंक (1.5%) लुढ़क कर 22,453 के निचले स्तर पर पहुंच गया. इस गिरावट की आंधी में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी नहीं बच पाए.

6 लाख करोड़ रुपये पल भर में 'स्वाहा'

बाजार में आई इस सुनामी ने निवेशकों की मेहनत की कमाई पर पानी फेर दिया. महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों के करीब ₹6 लाख करोड़ डूब गए. शुक्रवार को बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 422.04 लाख करोड़ रुपये था, जो सोमवार दोपहर तक घटकर 416.06 लाख करोड़ रुपये रह गया.

जानें मार्केट क्रैश की 5 बड़ी वजहें

1. अमेरिका-ईरान युद्ध 5वें हफ्ते भी जारी

शेयर बाजार में डर का सबसे बड़ा कारण अमेरिका-ईरान युद्ध है. यह अब अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. हूती विद्रोहियों के शामिल होने से स्थिति और गंभीर हो गई है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले टालने का फैसला किया है, लेकिन युद्ध खत्म होने का कोई ठोस संकेत न मिलने से निवेशक घबराए हुए हैं.

2. कच्चा तेल $115 के पार, भारत की बढ़ी टेंशन

दुनिया भर में जारी तनाव का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. भारत अपनी जरूरत का 90% तेल आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल हमारी अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे पर सीधा दबाव डाल रहा है. सप्लाई चेन रुकने की आशंका ने आग में घी का काम किया है.

Advertisement

3. वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया 28 के पार

बाजार में अस्थिरता नापने वाला पैमाना वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया यानी India VIX 5% से ज्यादा बढ़कर 28.1 के स्तर पर पहुंच गया है. आमतौर पर 12-15 का स्तर सामान्य होता है, लेकिन 28 के पार जाना यह दिखाता है कि निवेशकों के मन में भारी अनिश्चितता और डर है, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव हो रहा है.

4. विदेशी निवेशकों (FPI) की बाजार से निकासी

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं. मार्च के महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने ₹1.23 लाख करोड़ की भारी-भरकम बिकवाली की है. जब बड़े निवेशक इतनी बड़ी मात्रा में पैसा निकालते हैं, तो बाजार का संभलना मुश्किल हो जाता है.

Advertisement

5. F&O एक्सपायरी का 'डबल डोज'

आज यानी 30 मार्च को मार्च सीरीज के फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी भी है. एक्सपायरी के दिन अक्सर बाजार में पोजीशन सेटल करने की वजह से भारी वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव रहती है, जिसने आज की गिरावट और गहरी हो गई.

अब क्या करें निवेशक? जानें एक्सपर्ट की सलाह

 एक्सपर्ट का मानना है कि ग्लोबल हालात सुधरने तक कमजोरी बनी रह सकती है. हालांकि, लंबी अवधि (Long Term) के निवेशकों को इस गिरावट में पैनिक होकर शेयर बेचने के बजाय धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है.


नोट- ये सिर्फ एक सामान्य जानकारी है. शेयर बाजार में निवेश से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें.

Featured Video Of The Day
Vedanta Boiler Blast: वेदांता का 'खूनी बॉयलर'? 24 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन? | Anil Agarwal