- चांदी की कीमतें वैश्विक बाजार में पहले कभी नहीं देखे गए स्तर पर 100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई हैं
- अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, जियोपॉलिटिकल तनाव, और चीन के एक्सपोर्ट कंट्रोल से चांदी की मांग में वृद्धि हुई है
- फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने चांदी की कीमतों को और ऊंचा करने में मदद की है
Silver Price Record: अगर आप निवेश के लिए चांदी को छोटा खिलाड़ी समझते थे, तो यह खबर आपकी आंखें खोल देगी. चांदी ने आज वो कर दिखाया, जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. दरअसल ग्लोबल मार्केट में चांदी की कीमतों ने 100 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक जादुई आंकड़ा पार कर लिया है. भारतीय रुपयों में बात करें तो यह कीमत करीब 3,24,236 रुपये प्रति किलोग्राम होती है. बाजार में आए इस तूफान ने निवेशकों को गदगद कर दिया है, वहीं खरीदारों के पसीने छुड़ा दिए हैं.
क्यों लगी चांदी की कीमतों में आग ?
- डॉलर हुआ कमजोर
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी ने चांदी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है. जैसे ही डॉलर गिरता है, सोने-चांदी के दाम आसमान छूने लगते हैं.
- जियोपॉलिटिकल टेंशन
अमेरिका, यूरोप और ग्रीनलैंड से जुड़े मुद्दों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर भागने पर मजबूर कर दिया है.
- चीन का एक्सपोर्ट कंट्रोल
सप्लाई चेन में आई रुकावट और चीन के एक्सपोर्ट पर कंट्रोल की खबरों ने बाजार में चांदी की किल्लत का डर पैदा कर दिया है.
- फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने भी आग में घी का काम किया है.
क्या बेचना फायदेमंद?
एक्सपर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखेगा. लोकल मार्केट की बात करें तो बढ़ती डिमांड और सप्लाई में कमी के चलते. चांदी के दाम अभी और ऊपर जा सकते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट के अनुसार रियल एसेट्स की मांग और वैश्विक अस्थिरता ने चांदी को इस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाया है. हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का जोखिम भी बना हुआ है, लेकिन लंबी अवधि के लिए चांदी अभी भी चमक बिखेर रही है.
आपके लिए क्या है सलाह?
अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखें. एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म में कीमतें थोड़ी हिल सकती हैं, लेकिन बुलियन मार्केट का मूड फिलहाल पूरी तरह बुलिश है.














