Silver Crosses 100 Dollar per Ounce: चांदी ने तो कमाल ही कर दिया है... भागी जा रही है, भागी ही जा रही है, रुकने का नाम ही नहीं ले रही. 30 से 35 दिनों के भीतर 1 लाख रुपये का उछाल, फिर और कुछ दिनों में करीब 40 हजार रुपये का उछाल, कोई मामूली बात नहीं! पिछले कुछ वर्षों में बाजार में चांदी की कमी, खदानों से निकलने वाली चांदी से कहीं ज्यादा मांग और अलग-अलग सेक्टर की इंडस्ट्री में बढ़ते इस्तेमाल के चलते चांदी के भाव लगातार चढ़े जा रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तो चांदी ने नया रिकॉर्ड ही बना दिया. 23 जनवरी, शुक्रवार को पहली बार चांदी की कीमतें, 100 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर गई. यहां भारत में भी चांदी की कीमतें 3,40,000/किलो के पार कर गई है.
24 जनवरी, शनिवार को क्या भाव?
देश में चांदी की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं. चांदी के भाव 3,40,000 रुपये/किलो के पार चले गए हैं. आज 24 जनवरी, शनिवार को सर्राफा बाजार में चांदी का भाव 3,40,010 रुपये/किलो चल रहा है. दिल्ली के अलावा मुंबई में भी करीब-करीब यही भाव चल रहा है. हालांकि चेन्नई में चांदी और ज्यादा महंगी है और इसकी कीमतें करीब 3,45,100 रुपये/किलो के स्तर तक पहुंच गई है. हैदराबाद में तो चांदी इससे भी ज्यादा कीमत पर बिक रही है. अहमदाबाद और वडोदरा में चांदी की कीमतें 3,40,100 रुपये/किलो के आसपास चल रही है.
एक साल के भीतर 4 गुना बढ़ गए चांदी के दाम
आज की तारीख से एक साल पहले यानी 24 जनवरी 2025 की बात करें तो बुलियन मार्केट (bullion-rates.com) के मुताबिक, चांदी का भाव 84,792 रुपये/किलो के करीब चल रहा था. वहीं 1 साल बाद यानी आज की तारीख में 24 जनवरी 2026 को चांदी के दाम 3,40,000 रुपये/किलो के पार पहुंच गए हैं. यानी पिछले एक साल में चांदी का भाव लगभग 4 गुना (4.01 times) हो गया है. कुल बढ़ोतरी देखें तो पिछले साल के मुकाबले चांदी 2,55,208 रुपये/किलो महंगी हुई है और अगर प्रतिशत में देखें, तो ये करीब 301% की भारी बढ़ोतरी है.
चांदी में क्यों आई इतनी तेजी?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों ने 100 डॉलर/औंस का स्तर छू लिया, जिससे इसकी कीमतों में जारी जोरदार बढ़त और आगे बढ़ गई है. न्यूयॉर्क ट्रेडिंग के दौरान चांदी की हाजिर कीमतें (Spot prices) 4.2% बढ़कर 100.29 डॉलर तक पहुंच गईं. खत्म हुए साल 2025 में चांदी की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई थी और नए साल में अब तक इसमें 40% का उछाल आ चुका है. वहीं पिछले साल जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से देखें तो चांदी में 225% की वृद्धि दर्ज की गई है. चांदी में आई तेजी के पीछे कई कारण हैं-
- रिकॉर्ड बढ़त: चांदी की कीमतें 2025 में दोगुनी हो गई थीं और 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें 40% की तेजी आ चुकी है. पिछले साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद से चांदी 225% महंगी हो चुकी है.
- सुरक्षित निवेश: दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) के कारण निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित मान रहे हैं. सोना भी $4,967 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और $5,000 के करीब है.
- डॉलर की कमजोरी: इस हफ्ते डॉलर के कमजोर प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए चांदी खरीदना सस्ता बना दिया, जिससे इसकी मांग और बढ़ गई.
- ट्रंप की नीतियां: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व की आलोचना और वेनेजुएला, ईरान और ग्रीनलैंड से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों को कागजी मुद्रा (Currency) के बजाय ठोस संपत्ति (Hard assets) में निवेश के लिए प्रेरित किया है.
- औद्योगिक मांग: चांदी अब सिर्फ एक कीमती धातु नहीं रह गई है, बल्कि क्लीन एनर्जी (सौर ऊर्जा), इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकरणों के लिए बेहद जरूरी हो गई है.
- सप्लाई में कमी: पिछले 5 वर्षों से बाजार में चांदी की कमी (Supply Deficit) बनी हुई है. खदानों से जितनी चांदी निकल रही है, मांग उससे कहीं ज्यादा है, जिससे पुराने स्टॉक का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.
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