आज यानी मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले.कल की शानदार तेजी के बाद आज बाजार खुलते ही लाल निशान में चला गया.अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी को लेकर बढ़ी अनिश्चितता और दुनियाभर के बाजारों में मची हलचल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है.
बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम
सुबह 9:45 बजे तक BSE Sensex करीब 738.34 पॉइंट (0.89%) गिरकर 82,552 के स्तर पर आ गया. वहीं, Nifty 50 में भी 206.40 पॉइंट (0.80%) की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 25,506 पर ट्रेड करता मिला. बाजार की इस गिरावट ने कल की पूरी बढ़त को खत्म कर दिया है.
मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी. सुबह 9:20 बजे तक BSE Sensex करीब 498 पॉइंट (0.60%) गिरकर 82,796 पर आ गया. वहीं Nifty 50 भी 136 पॉइंट (0.53%) की गिरावट के साथ 25,576 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. इससे पहले प्री-ओपनिंग में भी बाजार सुस्त ही नजर आ रहा था, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही करीब 0.30% नीचे ट्रेड कर रहे थे.
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि छोटे और मंझोले शेयरों में भी बिकवाली हावी रही. Nifty मिडकैप 100 में 0.55% और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.67% की गिरावट दर्ज की गई.
ट्रंप की नई चेतावनी ने बिगाड़ा बाजार का मूड
बाजार में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 15% नया ग्लोबल टैरिफ फ्रेमवर्क है. . ट्रंप ने उन देशों को कड़ी चेतावनी दी है जो हाल ही में हुई ट्रेड डील से पीछे हटने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिका की 'कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन' एजेंसी ने कहा है कि वे मंगलवार से 'रेसिप्रोकल टैरिफ' वसूलना बंद कर देंगे क्योंकि वहां की सुप्रीम कोर्ट ने इसे अवैध बताया है.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ पुराने टैरिफ रद्द किए जाने के बाद ट्रंप ने कहा है कि वे दूसरे कानूनों के तहत और भी भारी टैक्स लगा सकते हैं. इस बयान के बाद कल रात अमेरिकी बाजार (Wall Street) गिरकर बंद हुए, जिसका असर आज भारतीय बाजार पर भी दिख रहा है.
ट्रंप की नई घोषणाओं ने एक्सपोर्ट करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए चिंता बढ़ा दी है. जानकारों का कहना है कि जब तक अमेरिका की व्यापार नीतियों पर पूरी सफाई नहीं आ जाती, तब तक निवेशक जोखिम लेने से बचेंगे.
IT सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकलावी
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार IT सेक्टर पर पड़ी है.निफ्टी IT इंडेक्स आज 2.84% तक गिरकर सबसे बड़ा लूजर बना. अमेरिकी टेक कंपनियों में मची हलचल और एआई (AI) की वजह से आने वाली दिक्कतों के डर से Nifty IT इंडेक्स 2.84% तक टूट गया. इसके अलावा रियलटी (Realty) और मीडिया सेक्टर्स में भी 0.90% और 0.32% की गिरावट रही.
राहत की बात सिर्फ मेटल (Metal) और ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) सेक्टर में रही, जो क्रमशः 0.44% और 0.32% की बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे.
क्रूड ऑयल और IT सेक्टर ने बढ़ाई चिंता
बाजार पर दबाव बनाने वाला दूसरा बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. इस वजह से कच्चे तेल (Oil Prices) की कीमतें सात महीने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. भारत तेल का बड़ा खरीदार है, इसलिए तेल महंगा होना हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बुरा संकेत है. साथ ही, एआई (AI) की वजह से आने वाले बदलावों के डर से आईटी सेक्टर के शेयरों पर भी लगातार दबाव बना हुआ है, जिससे निफ्टी को संभलने में दिक्कत हो रही है.
बीते दिन ,सोमवार को विदेशी निवेशकों (FPI) ने बाजार में करीब 3,484 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी.घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने कल 1,292 करोड़ रुपये के शेयर बाजार में बेचे थे.














