E20 को लेकर देशभर में चल रही चर्चा और हो-हल्ला के बीच संसद में सवाल उठा कि क्या पेट्रोल पंपों पर बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल भी मिलेगा. राज्यसभा सदस्य डॉ वी शिवदासन ने पेट्रोलियम मंत्रालय से सवाल किया गया कि क्या देश में शुद्ध पेट्रोल E0 या E10 की सप्लाई भी होगी. इस पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने जवाब दिया. बताया गया कि ऐसा कोई विचार नहीं है. जी हां, सरकार ने देश में शुद्ध पेट्रोल (E0 या E10) की समानांतर सप्लाई जारी रखने से साफ इनकार कर दिया है.
केंद्र सरकार ने ये भी कहा है कि E20 पेट्रोल को लेकर वाहनों के परफॉर्मेंस से जुड़ी कोई पुष्ट शिकायत नहीं मिली है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से इंजन खराब होने, असामान्य घिसावट या प्रदर्शन में बड़े पैमाने पर गिरावट के वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं.
मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर उठ रही चिंताओं का वैज्ञानिक आकलन भी कराया है. लंबे समय तक चली लैब जांच, फील्ड वेलिडेशन और वास्तविक उपयोग के अनुभवों के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि E20 से वाहनों के परफॉर्मेंस पर प्रतिकूल असर साबित नहीं हुआ है.
क्यों पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा शुद्ध पेट्रोल?
सरकार ने देश में शुद्ध पेट्रोल (E0 या E10) की सप्लाई से साफ इनकार कर दिया है. सरकार ने इसके पीछे दो बड़े कारण बताए हैं. पहला कारण- लॉजिस्टिक्स और लागत की समस्या और दूसरा कंपनियों का भरोसा और वारंटी.
मंत्रालय के अनुसार, देश के 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर E0, E10 और E20 पेट्रोल के लिए अलग-अलग समानांतर सप्लाई चेन, इन्वेंट्री और हैंडलिंग की व्यवस्था करना व्यावहारिक नहीं है. इससे लॉजिस्टिक्स की जटिलता और लागत काफी बढ़ जाएगी.
वहीं दूसरी ओर वाहन कंपनियां E20 पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों पर अपनी वारंटी (Warranty) पूरी तरह बरकरार रख रही हैं. अगर ऑटोमोबाइल कंपनियां इसके परिणामों से संतुष्ट नहीं होतीं, तो वे न तो E20 गाड़ियां बनातीं और न ही वारंटी देतीं.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) वाले एथेनॉल ब्लेंडेड ईंधन को नोटिफाई किया जा चुका है. देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण स्थिरता और किसानों के कल्याण को देखते हुए अब कदम पीछे खींचने या E0/E10 पेट्रोल पर लौटने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
पुराने ईंधन पर लौटने से नुकसान: सरकार
इसी से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर बिना मिलावट (Plain Petrol) या कम इथेनॉल वाला पेट्रोल बेचने का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. देश अब साफ और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन की ओर तेजी से बढ़ रहा है. ये सवाल राज्यसभा सांसद अशोक सिंह की ओर से पूछा गया था.
सरकार के मुताबिक, 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) की शुरुआत जल्दबाजी में नहीं की गई है. इसकी शुरुआत साल 2001 में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुई थी. ऑटो कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों से सलाह के बाद इथेनॉल मिश्रण को 2013-14 में 1.53% से बढ़ाकर 2025-26 तक 20% किया गया है.
मंत्रालय के मुताबिक, पुराने ईंधन पर लौटने से नुकसान होगा. कम मिश्रण वाले पेट्रोल के लिए अलग से सप्लाई चेन बनाने से खर्च और लॉजिस्टिक्स की समस्याएं बढ़ेंगी. इसके अलावा, इथेनॉल कार्यक्रम से पर्यावरण, ऊर्जा सुरक्षा और किसानों को मिलने वाले फायदे भी कम हो जाएंगे.
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