हर नौकरीपेशा लोगों का सपना होता है कि रिटायरमेंट के बाद आराम से जिंदगी बीते. जब काम करना बंद कर दें, तब भी बैंक खाते में हर महीने बड़ा अमाउंट आता रहे. अब यह सपना नहीं बल्कि हकीकत बन सकता है. पर उसके लिए जल्दी ही अपने निवेश की शुरुआत करनी होगी.
दरअसल आज के समय में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सोने की खदान साबित हो सकता है. लोग अक्सर इसे सिर्फ टैक्स बचाने का जरिया समझते हैं, लेकिन सच तो यह है कि इस फंड से आप अपने भविष्य को बेहतर प्लान कर सकते हो. अगर हर महीने 25 साल तक 12500 रुपये पीपीएफ में लगाए जाएं, तो फिर बाद में 61 हजार रुपये प्रति माह रिटर्न हासिल कर सकते हैं. कैसे, आईए समझते हैं.
12,500 रुपये का निवेश
जैसा आप जानते हैं कि पीपीएफ में निवेश की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये सालाना है. अगर हम इसे महीनों में बांटें, तो यह 12,500 रुपये प्रति माह बैठता है. सुनने में यह एक नॉर्मल निवेश लग सकता है, लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत इसे एक बड़े फंड में बदल सकती है.
ppf investment
कैसे बनेंगे 2.27 करोड़? जानें कैलकुलेशन
PPF की मैच्योरिटी 15 साल की होती है, लेकिन आप इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं. करोड़पति बनने के लिए आपको इसे 25 साल तक जारी रखना होगा.
- हर महीने इन्वेस्टमेंट- ₹12,500
- साल का इन्वेस्टमेंट- ₹1,50,000
- समय सीमा- 25 साल
- एस्टीमेट इंटरेस्ट रेट- 7.1% (मौजूदा)
- टोटल इन्वेस्टमेंट: 37.50 लाख रुपये
- कुल मैच्योरिटी वैल्यू: 1.03 करोड़ रुपये
लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू होता है. अगर आप इसी इन्वेस्टमेंट को 5 साल और बढ़ाकर 30 साल तक ले जाते हैं, तो आपका फंड बढ़कर करीब 1.54 करोड़ रुपये हो जाएगा और अगर आप इसे आगे ले जाते हैं, तो यह आंकड़ा 2.27 करोड़ रुपये को भी छू सकता है.
61 हजार की मंथली पेंशन का गणित
अब सवाल आता है पेंशन का. जब आपके पास 25 से 30 साल बाद 1 करोड़ से 1.5 करोड़ का टैक्स-फ्री फंड जमा हो जाएगा, तो आप इसे किसी सेफ सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान या एन्युटी में डाल सकते हैं. मान लीजिए अगर आप 1 करोड़ के फंड को 7% के रिटर्न वाले किसी सेफ ऑप्शन में रखते हैं, तो साल भर का ब्याज 7 लाख रुपये होता है. इसे 12 महीनों से डिवाइड करने पर आपको 58 हजार से 61 हजार रुपये तक की मंथली इनकम आसानी से मिल सकती है और आपका प्रिंसिपल अमाउंट भी सेफ रहेगा.
पीपीएफ ही क्यों?
अगला सवाल आता है कि निवेश के लिए पीपीएफ ही क्यों? देखिए निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी, यह तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री हैं. साथ ही शेयर बाजार गिरे या चढ़े, आपका पैसा सरकार के पास सेफ है. इसके अलावा कंपाउंडिंग के जरिए आप जितना जल्दी शुरू करेंगे, उतना बड़ा फंड बनाएंगे.














