Petrol Diesel Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उथल-पुथल के बीच दुनियाभर के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं. पड़ोस देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में तो और बुरा हाल है. देश के अलग-अलग शहरों में भी चर्चा हो रही है कि क्या भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे. तेल के दाम बढ़ने की आशंका के बीच कुछ पेट्रोल पंपों पर वाहनों के अलावा दूसरे पात्रों में पेट्रोल-डीजल भरने/स्टोर करने के वीडियोज सामने आए हैं. इन सब घटनाओं के बीच सरकार ने इस बड़े सवाल पर सबसे बड़ी कन्फ्यूजन दूर कर दी है.
सरकार ने क्या-क्या बताया?
केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ने वाले हैं. सरकार ने ये भी बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है. सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां भी आश्वस्त कर चुकी हैं कि तेल की कमी नहीं है. अब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश भर के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि घबराकर ईंधन जमा करने की कोशिश न करें और पेट्रोल या डीजल को ढीले या असुरक्षित कंटेनरों में भरकर न रखें, क्योंकि इससे सुरक्षा का बड़ा खतरा हो सकता है.
मंत्रालय ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन का स्टॉक मौजूद है और कहीं भी कमी नहीं है.
इस संदेश में में मंत्रालय ने कहा, 'देश भर के रिटेल आउटलेट्स पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ईंधन को ढीले या अनुपयुक्त कंटेनरों में न लें और न ही स्टोर करें, क्योंकि इससे गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है.'
तमिलनाडु में एक पेट्रोल पंप का लाइसेंस निलंबित
मंत्रालय के अनुसार, तमिलनाडु के एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल को ढीले कंटेनर में भरते हुए देखा गया था, जो कि असुरक्षित और अनुचित है. इस घटना के बाद संबंधित पेट्रोल पंप को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है.
साथ ही अधिकारियों ने सभी पेट्रोल पंपों और डीलरों को ईंधन वितरण के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
घबराकर खरीदारी न करें लोग
इससे पहले सरकार ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पैनिक बाइंग से बचने की अपील की थी, और कहा था कि देश में इन ईंधनों का पर्याप्त भंडार मौजूद है.
तेल मार्केटिंग कंपनियों के अनुसार, देश के लगभग 1 लाख रिटेल आउटलेट्स में कहीं भी ईंधन खत्म होने की कोई घटना सामने नहीं आई है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है.
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत की रिफाइनिंग क्षमता इस समय करीब 258 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है, जिससे भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बन गया है.
इसके अलावा सरकार ने 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर जारी किया, जिसमें पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और किसी तरह की कटौती नहीं की गई है.
अधिकारी ने कहा, 'घबराने की कोई जरूरत नहीं है. औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को फिलहाल लगभग 80 प्रतिशत आपूर्ति के स्तर पर प्रबंधन किया जा रहा है.'














