पाकिस्तान इस वक्त एक बहुत बड़ी मुसीबत में फंसता नजर आ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट ट(Strait of Hormuz) बंद होने की वजह से वहां पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई है. हालत ये है कि पाकिस्तान के पास अब बहुत ही कम दिनों का तेल बचा है और सरकार देश को फिर से कोरोना वाली पाबंदियों में धकेलने की तैयारी कर रही है.
खत्म होने वाला है तेल का खजाना!
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने एक डराने वाला आंकड़ा पेश किया है. उनके मुताबिक, देश के पास अब सिर्फ 28 दिनों का डीजल, 10 दिनों का कच्चा तेल और महज 15 दिनों की एलपीजी (LPG) बची है.होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ईरान ने ट्रैफिक बंद कर दिया है, जिससे पाकिस्तान को होने वाली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है. ईरान का कहना है कि युद्ध के समय उसे इस रास्ते को नियंत्रित करने का पूरा हक है.
पाकिस्तान में फ्यूल बचाने की तैयारी
तेल बचाने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार अब कड़े कदम उठाने जा रही है. Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में फिर से वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य किया जा सकता है. ऑफिस में सिर्फ जरूरी स्टाफ को बुलाने और स्कूलों-कॉलेजों में ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने का प्रस्ताव है.
इतना ही नहीं, कर्मचारियों को राइड शेयरिंग यानी एक साथ मिलकर ऑफिस जाने की सलाह दी जा रही है ताकि कम से कम फ्यूल खर्च हो.
चीन को मिली छूट, पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन
हैरानी की बात ये है कि ईरान ने इस युद्ध के बीच भी चीनी जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की इजाजत दे दी है. चीन द्वारा ईरान का समर्थन किए जाने के बदले उसे यह गिफ्ट मिला है. दूसरी ओर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान को चेतावनी दी है कि सऊदी अरब के साथ उनके रक्षा समझौते की वजह से पाकिस्तान भी इस युद्ध में खिंच सकता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है.
आम लोगों पर महंगाई पर बोझ
पाकिस्तान सरकार अब हर हफ्ते पेट्रोल की कीमतों की समीक्षा करेगी. तेल कंपनियों को इंश्योरेंस और आयात के बढ़े हुए खर्च का भुगतान करने के लिए आम लोगों पर बोझ डालना तय माना जा रहा है.
बता दें कि दुनिया का 20% कच्चा तेल हॉर्मुज के रास्ते ही गुजरता है, और इसके बंद होने से पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में फ्यूल की कीमतें आसमान छू रही हैं.














