- नीति आयोग के CEO बी सुब्रह्मण्यम ने NDTV पर बताया कि कैसे बजट 2026 में सर्विस सेक्टर पर बड़ा फोकस किया गया है.
- सर्विस सेक्टर पर फोकस रखते हुए वित्त मंत्री ने एक स्टैंडिग कमेटी की अभूतपूर्व घोषणा की है.
- पांच मेडिकल हब, मेडिकल टूरिज्म, पर्यटन, आयुष, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे कई क्षेत्रों पर बड़ा फोकस होगा.
बजट 2026 को नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रमण्यम ने पिछले दो बजटों का विस्तार और निरंतरता बताया. उन्होंने बताया इसे सर्विस सेक्टर पर फोकस किया गया है जिसे देखे जाने की जरूरत है. उन्होंने NDTV के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि जहां इससे पहले के दो बजट में रोजगार, स्किलिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया था, वहीं इस साल के बजट में सर्विस सेक्टर, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल इंटीग्रेशन के लिए महत्वपूर्ण पहलें शामिल की गई हैं.
NDTV के साथ बातचीत में नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने क्या कहा पढ़ें.
बजट 2026 के पैकेज को पिछले दो बजट के साथ देखा जाना चाहिए. पिछले दो बजट में रोजगार और स्किलिंग पर अधिक फोकस रखा गया था. पिछले साल के बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बहुत अधिक फोकस था. उस पहल को अब भी जमीन पर उतारा जा रहा है. इस बजट उसी संदर्भ में एक और लेयर जोड़ता है. इसमें सर्विस सेक्टर पर फोकस रखा गया है जिसकी बारे में बात नहीं की जा रही है. यह बजट पिछली बार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के पहलों में कई चीजें जोड़ता है, साथ ही शहरी बुनियादी ढांचे पर फोकस किया गया है. टैक्स और मैन्युफैक्चरिंग की कमियों को इसमें संबोधित किया गया है.
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ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स- 2 मिलियन रोजगार का क्षेत्र
बजट में सेफ हार्बर रूट्स के संदर्भ में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) पर भी फोकस रखने की बात की गई है. इसने भारत को इनोवेशन के लिए एक प्रमुख ग्लोबल हब में बदल दिया है.
इसने पिछले तीन सालों में कई सफलताएं देखी हैं और रोजगार उत्पन्न किए हैं. 1600 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स ने करीब 20 लाख लोगों को रोजगार दिया है. इसके बाद डेटा सेंटर्स पर 2047 कोई टैक्स नहीं लगाया जाना एक बड़ा कदम है.













