- देश में 1 अप्रैल से शेयर बायबैक पर टैक्स नियम बदलकर इसे डिविडेंड की बजाय कैपिटल गेन माना जाएगा
- फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर टैक्स दरें बढ़ाई गई हैं जिससे ट्रेडिंग लागत में वृद्धि होगी
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के सेकंड हैंड खरीददारों को अब टैक्स फ्री मुनाफा नहीं मिलेगा
New Tax Rules April 2026: देश में टैक्सपेयर्स के लिए 1 अप्रैल से टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट में जो ऐलान किए थे, वो अब लागू होने जा रहे हैं. ऐसे में चाहे आप नौकरीपेशा में हों, बिजनेसमैन हों या निवेशक, इन बदलावों का असर आपकी जेब और टैक्स भरने के तरीके पर पड़ेगा. साथ ही कुछ खास लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया है, जिससे उन्हें कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए और टाइम मिल जाएगा. इसके अलावा सरकार ने कुछ नई टैक्स छूट भी दी हैं, जिससे आपका टैक्स कम हो सकता है.
1. शेयर बायबैक पर टैक्स का नया नियम
जब कोई कंपनी अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है, तो उसे बायबैक कहते हैं। पहले बायबैक से मिलने वाले पूरे पैसे को डिविडेंड माना जाता था और उस पर आपकी इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता था. पर इसे अब कैपिटल गेन माना जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको पूरी रकम पर टैक्स नहीं देना होगा, बल्कि सिर्फ उस कमाई पर टैक्स देना होगा जो आपने शेयर बेचकर कमाया है. जैसे अगर आपने शेयर 100 रुपये में खरीदा और कंपनी ने उसे 150 रुपये में बायबैक किया, तो टैक्स सिर्फ 50 रुपये के मुनाफे पर लगेगा.
2. फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग करना होगा महंगा
अगर आप शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में ट्रेड करते हैं, तो अब आपको सरकार को ज्यादा टैक्स देना होगा. फ्यूचर्स की बात करें तो पहले टैक्स 0.02% था जो अब 0.05% हो गया है. वहीं, ऑप्शंस में टैक्स 0.1% से बढ़कर 0.15% कर दिया है. अब हर बार ट्रेड करते समय आपकी जेब से ज्यादा टैक्स कटेगा, जिससे आपका मुनाफा थोड़ा कम हो सकता है. सरकार ने यह कदम ट्रेडिंग में बढ़ते जोखिम को देखते हुए उठाया है.
3. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर नया नियम
पहले SGB बेचने या मैच्योर होने पर टैक्स छूट सभी को मिलती थी, लेकिन अब इसमें थोड़ा चेंज सरकार ने किया है. पहले आपको बताते हैं कि इसमें छूट किसे मिलेगी. अगर आपने बॉन्ड सीधे सरकार से खरीदे हैं और आप उन्हें मैच्योरिटी तक अपने पास रखते हैं, तो मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. लेकिन अगर आप शेयर बाजार से किसी और से ये बॉन्ड खरीदते हैं, तो इसे बेचने पर होने वाले मुनाफे पर अब आपको टैक्स देना पड़ेगा. यानी अब सेकंड हैंड बॉन्ड खरीदने वालों के लिए टैक्स फ्री वाला फायदा खत्म हो गया है.
4. डिविडेंड और म्यूचुअल फंड से कमाई
अगर आप शेयरों से मिलने वाले डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई पर ब्याज का फायदा उठाते थे, तो अब वो बंद हो रहा है. पहले अगर आपने पैसे उधार लेकर कहीं निवेश किया था, तो आप उस निवेश से हुई कमाई में से उस कर्ज के 20% तक ब्याज को घटा सकते थे. इससे आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती थी. पर अब इस नियम को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा.
5. फॉर्म 15G/15H जमा करना हुआ आसान
अगर आपकी टोटल पूरे साल की इनकम टैक्स छूट की सीमा से कम है, तो आप TDS कटने से बचाने के लिए फॉर्म 15G या फॉर्म 15H भरते हैं. पहले अलग-अलग कंपनियों या फंड हाउस को ये फॉर्म भेजने पड़ते थे, जो काफी सिरदर्दी वाला काम था. पर अब आप ये फॉर्म सीधे अपनी डिपॉजिटरी के पास जमा कर सकते हैं. क्योंकि आपके शेयर और म्यूचुअल फंड डीमैट में होते हैं, तो एक ही जगह फॉर्म देने से आपकी सभी सिक्योरिटी पर टीडीएस की परेशानी खत्म हो जाएगी.
6. घर या जमीन खरीदना हुआ आसान
पहले जब किसी ऐसे व्यक्ति से प्रॉपर्टी खरीदी जाती थी, जो भारत के बाहर रहता है, तो टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) लेना पड़ता था. यह एक लंबा और सिरदर्द वाला प्रोसेस था. पर अब 1 अप्रैल से आपको किसी TAN नंबर की जरूरत नहीं होगी. आप अपने पैन या आधार कार्ड का इस्तेमाल करके ही टीडीएस काट सकते हैं और उसे जमा कर सकते हैं.
7. विदेश घूमना हुआ सस्ता
पहले विदेश घूमने के लिए पैकेज बुक करते थे, तो पहले सरकार उस पर बहुत ज्यादा टीसीएस चार्ज करती थी. यानी 7 लाख रुपये तक 5% टैक्स लगता था और उससे ऊपर के खर्च पर 20% टैक्स देना पड़ता था. पर अब पैकेज की कीमत चाहे जो भी हो, सब पर केवल 2% टीसीएस चार्ज होगा.














