New Income Tax Rules 2026: सरकार 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में नया इनकम टैक्स सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है. ये नया कानून इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने इसके लिए इनकम टैक्स रूल्स 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है. इसमें नौकरीपेशा लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर टैक्स कैसे लगेगा, इसके बारे में सुझाव दिए गए हैं. सीए राजा मंगला ने आसान भाषा में बताया है कि कैसे ये नए नियम करदाताओं के लिए फायदेमंद साबित होंगे.
क्या हैं ड्राफ्ट रूल्स 2026?
सीए राजा मंगला के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नियमों की कुल संख्या को 511 से घटाकर 333 करने का प्रस्ताव दिया है. नए नियमों में सैलरी के साथ मिलने वाले दूसरे फायदों जैसे कंपनी से मिला घर, कार, भोजन कूपन और एजुकेशन अलाउंस की वैल्यू तय करने के लिए एक फिक्स फॉर्मूला बनाया गया है.
1. कंपनी का घर
नियमों के अनुसार, कंपनी से मिले घर के टैक्स वैल्यूएशन में कमी की गई है. प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए अब टैक्सेबल वैल्यू शहर की आबादी पर निर्भर करेगी. जिसके लिए-
- 40 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर: सैलरी का 10%.
- 15 से 40 लाख की आबादी: सैलरी का 7.5%.
- दूसरे एरिया: सैलरी का 5%. इससे पहले यह दरें 15% तक थीं, जिससे अब टैक्स का बोझ कम होगा.
2. कंपनी की गाड़ी
अगर कंपनी कार और ड्राइवर की सुविधा देती है, तो उसके फिक्स्ड मंथली टैक्सेबल वैल्यू में बदलाव किया गया है-
- 1.6 लीटर तक इंजन: 5 हजार रुपये प्रति महीने (पहले यह 1,800 रुपये था).
- 1.6 लीटर से ज्यादा इंजन: 7 हजार रुपये प्रति महीने (पहले 2,400 रुपये था).
- ड्राइवर की सुविधा: 3 हजार रुपये प्रति महीने (पहले 900 रुपये था).
New Income Tax Rules 2026
3. फ्री मील और गिफ्ट्स की लिमिट बढ़ी
महंगाई को देखते हुए सरकार ने फ्री मील और गिफ्ट्स पर छूट की सीमा को काफी बढ़ा दिया है. ऑफिस मील के लिए अब 200 रुपये हर मील तक का खाना टैक्स-फ्री होगा. पहले ये लिमिट सिर्फ 50 रुपये थी. वहीं गिफ्ट्स/वाउचर के लिए एम्प्लॉयर के दिए 15 हजार रुपये तक के गिफ्ट्स या वाउचर पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. पहले इसकी लिमिट 5 हजार रुपये थी.
4. बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल अलाउंस
सीए राजा मंगला के अनुसार कई सालों बाद बच्चों की एजुकेशन के लिए मिलने वाले अलाउंस में बड़ी बढ़ोतरी की गई है. चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस के लिए 100 रुपये से बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति बच्चा प्रति महीने कर दिया है. हॉस्टल अलाउंस के लिए 300 रुपये से बढ़ाकर लिमिट 9 हजार रुपये प्रति महीने कर दिया गया है.
5. इंटरेस्ट फ्री लोन
अगर एम्प्लॉयर अफने कर्मचारी को इलाज या दूसरी जरूरतों के लिए इंटरेस्ट फ्री लोन देता है, तो अब 2 लाख रुपये तक के टोटल लोन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. पहले ये लिमिटी सिर्फ 20 हजार रुपये थी.
6. किराए के मकान के लिए क्या बदला?
किराए के मकान में रहने वाले टैक्सपेयर्स के लिए अब मकान मालिक के साथ अपना रिलेशन बताना जरूरी होगा, हालांकि उसके लिए साल का किराया कम से कम एक लाख रुपये होना जरुरी है.














