EPF vs VPF: पीएफ में 1800 रुपये से ज्यादा जमा करने पर क्या कंपनी भी उतना ही पैसा देगी? जानें नए नियम

नई EPF Scheme 2026 में PF के पुराने नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. कर्मचारी और कंपनी का जरूरी योगदान पहले की तरह 12% ही रहेगा. कर्मचारी चाहे तो VPF के जरिए ज्यादा पैसा जमा कर सकता है, लेकिन कंपनी के लिए उस एक्स्ट्रा कॉन्ट्रीब्यूशन को मैच करना जरूरी नहीं होगा.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
EPF voluntary contributions: नई EPF Scheme 2026 में कर्मचारी और कंपनी दोनों को कर्मचारी की सैलरी का 12% PF में जमा करना होगा.

EPF स्कीम 2026 लागू होने के बाद से ही ज्यादातर सैलरीड लोग नए बदलावों के लेकर कन्फ्यूजन में हैं.  कई लोग ये जानना चाह रहे हैं कि क्या नई ईपीएफ स्कीम 2026 के तहत हुए बदलाव के बाद अब पीएफ अकाउंट में पैसा जमा करने के नियम भी बदल गए हैं .वहीं, इन दिनों कुछ लोग इस बात को लेकर उलझन में हैं कि अगर वो अपनी तरफ से ज्यादा PF जमा करना चाहता है, तो क्या कंपनी को भी उतना ही पैसा देना होगा? अच्छी बात यह है कि ज्यादातर पुराने नियम पहले जैसे ही बने हुए हैं.

हालांकि, नई EPF स्कीम में कुछ बदलाव नियमों को पहले से बेहतर और समझने में आसान बनाने के लिए किया गया है, ताकि हर किसी को पता हो कि कर्मचारी और कंपनी का कॉन्ट्रीब्यूशन किस तरह से काम करेगा.

क्या EPF में पैसा जमा करने के नियम बदल गए हैं?

नई EPF Scheme 2026 में कर्मचारी और कंपनी दोनों को कर्मचारी की सैलरी का 12% हिस्सा PF खाते में जमा करना होगा. यह कॉन्ट्रीब्यूशन सरकार की तय की गई वेज लिमिट के हिसाब से होगा. जब तक सरकार नई लिमिट नहीं बताती, तब तक 15,000 रुपये प्रति महीने की मौजूदा वेज लिमिट लागू मानी जाएगी.

अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी इस लिमिट से ज्यादा है, तब भी कंपनी और कर्मचारी का अनिवार्य PF कॉन्ट्रीब्यूशन आमतौर पर इसी वेज लिमिट तक रहेगा. हालांकि, अगर दोनों चाहें तो इससे ज्यादा कॉन्ट्रीब्यूशन का ऑप्शन भी चुन सकते हैं.

Advertisement

वॉलंटरी कॉन्ट्रीब्यूशन यानी VPF का ऑप्शन

अगर कोई कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी पर तय लिमिट से ज्यादा पीएफ में जमा करना चाहता है, तो वह वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) के जरिए ऐसा कर सकता है. कर्मचारी अपनी इच्छा से 12 प्रतिशत से ज्यादा या पूरी सैलरी के हिसाब से कॉन्ट्रीब्यूशन कर सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारी रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकता है.

EPF और VPF में क्या अंतरहै?

EPF हर सैलरीड कर्मचारी के लिए जरूरी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है. इसमें कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और DA का आमतौर पर 12% जमा करता है और कंपनी भी अपनी तरफ से 12% का योगदान करती है.

Advertisement

वहीं, VPF यानी Voluntary Provident Fund उन कर्मचारियों के लिए है जो EPF के अलावा अपनी तरफ से और ज्यादा पैसा PF में जमा करना चाहते हैं. इसमें कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और DA का 100% तक भी योगदान कर सकता है, अगर कंपनी की पॉलिसी इसकी अनुमति देती है.

कर्मचारी ज्यादा PF जमा करे तो क्या कंपनी को भी उतना ही देना होगा?

यहीं सबसे बड़ा सवाल है, जिसका जवाब नई EPF स्कीम 2026 ने साफ कर दिया है. अगर कर्मचारी अपनी इच्छा से VPF के जरिए ज्यादा पैसा जमा करता है, तो कंपनी के लिए उतना ही पैसा जमा करना जरूरी नहीं है. यानी कर्मचारी अपनी तरफ से PF बढ़ा सकता है, लेकिन कंपनी चाहे तो ही एक्स्ट्रा कॉन्ट्रीब्यूशन करेगी. उस पर ऐसा करने की कानूनी जिम्मेदारी नहीं है.

नई स्कीम कंपनी को ज्यादा कॉन्ट्रीब्यूशन देने से रोक नहीं है. अगर किसी कंपनी की अपनी पॉलिसी, नौकरी की शर्तों  में ज्यादा PF देने की बात है, तो वह पहले की तरह ज्यादा कॉन्ट्रीब्यूशन जारी रख सकती है.यानी नई स्कीम सिर्फ यह साफ करती है कि वेज लिमिट से ऊपर कंपनी का एक्स्ट्रा कॉन्ट्रीब्यूशन जरूरी नहीं, बल्कि इच्छा पर निर्भर होगा.

क्या कर्मचारियों के पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन असर पड़ेगा?

ज्यादातर कर्मचारियों के लिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. आज भी कई कंपनियां पहले से ही 15,000 रुपये की वेज लिमिट की जगह कर्मचारी की पूरी बेसिक सैलरी पर PF जमा करती हैं. नई स्कीम उन्हें ऐसा करने से नहीं रोकती. अब आगे कंपनी कंपनसेशन पैकेज और पॉलिसी के हिसाब से तय करेगी कि वह पहले की तरह ज्यादा कॉन्ट्रीब्यूशन जारी रखेगी या इसमें बदलाव करेगी.

Advertisement

आप अभी भी अपनी मर्जी से ज्यादा पैसा पीएफ में डाल सकते हैं तो जान लें कि कंपनियां चाहें तो उसे मैच कर सकती हैं या नहीं, यह अब पूरी तरह से कंपनी की पॉलिसी  पर निर्भर करता है. अगर कर्मचारी VPF के जरिए ज्यादा पैसा जमा कर रहा है, तो वह बाद में इसे कम या बंद भी कर सकता है. इसी तरह अगर कंपनी अपनी इच्छा से ज्यादा योगदान दे रही है, तो वह भी भविष्य में उसे कम या बंद करने का फैसला कर सकती है.

ये भी पढ़ें-  क्या पहली ट्रेन लेट होने से दूसरी ट्रेन भी छूट गई? ऐसे रिफंड होगा टिकट का पूरा पैसा, ज्यादातर लोग नहीं जानते ये नियम

Advertisement
Featured Video Of The Day
भारत में डिजिटल पेमेंट को लेकर PM मोदी क्या-क्या बोले?
Topics mentioned in this article
EPF Scheme 2026
PF Contribution
New EPF Scheme 2026
EPFO New Rules