Gold-Silver: सोना हुआ महंगा, चांदी में आई 'सुनामी'! स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के एक फैसले ने बदल दी बाजार की चाल

MCX Gold Price Today: जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें गिरने से मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होगी. इससे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में चांदी की मांग बढ़ने की उम्मीद है.

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MCX Gold Price Today: कमोडिटी मार्केट में निवेश करने वालों के लिए शुक्रवार का दिन गजब का चल रहा है. जहां एक ओर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई, वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी ने लंबी छलांग लगाकर सभी को हैरान कर दिया. एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतों ने 4% से ज्यादा की छलांग लगाई है, जबकि सोना भी 1% से ज्यादा की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है.

ईरान का फैसले पर बाजार का रिएक्शन

इस अचानक आए उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान का वो ऐलान है, जिसने वैश्विक व्यापार जगत को बड़ी राहत दी है. ईरान ने पांच हफ्तों के टेंशन के बाद आखिरकार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को सभी जहाजों के लिए खोलने का फैसला किया. इस ऐलान के बाद जहां ब्रेंट क्रूड 11% से ज्यादा टूट गया, वहीं गोल्ड-सिल्वर के लिए लिवाली का जबरदस्त दौर देखा गया.

MCX Gold Price Today

MCX पर क्या चल रहा रेट?

खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में 1.14% यानी 1,842 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई, जिसके बाद ये 1,55,024 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, चांदी ने तो जैसे आसमान ही छू लिया. चांदी की कीमतों में 4.19% यानी 10,422 रुपये की भारी तेजी आई और ये 2,59,050 रुपये प्रति किलोग्राम पर जा पहुंची. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 82.03 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है.

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चांदी में इतनी बड़ी तेजी क्यों?

जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें गिरने से मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होगी. इससे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में चांदी की मांग बढ़ने की उम्मीद है. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में कमी ने भी बुलियन मार्केट को तेजी दी है.

निवेशक इस बात का रखें ध्यान

भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से टेंशन कम हुई है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. ऐसे में निवेशकों को खबरों पर नजर रखते हुए ही निवेश को प्लान करना है. इसके अलावा लंबी अवधि के लिए अपने पोर्टफोलियो को तैयार करना ही है. 

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