Gold Prices Outlook: एक्सपर्ट ने बता दिया कहां तक जाएंगी सोने की कीमतें! ऐसे उठाएं गिरावट का फायदा

Gold Price Weekly Report: एक्सपर्ट के अनुसार गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो बनाने का अच्छा समय है. बाजार में अस्थिरता को देखते हुए एकमुश्त निवेश के बजाय गिरावट पर खरीदारी की प्लानिंग करना अच्छा हो सकता है.

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Gold Prices Outlook: देश के सर्राफा बाजार और एमसीएक्स के लिए मार्च का बीता हफ्ता उतार-चढ़ाव से भरा रहा. एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में जंग के चलते निवेशक डरे हुए दिखाई दिए, वहीं दूसरी तरफ सोने की कीमतों ने उम्मीद के उल्टा गोता लगाया. बिकवाली का दौर लगातार सोने की कीमतों में दिखाई दिया. आइए जानते हैं पिछले पांच दिनों का पूरा लेखा-जोखा.

 MCX पर सोने का रिपोर्ट कार्ड

बीते कारोबारी हफ्ते की शुरुआत सोने के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही. 23 मार्च को बाजार खुलते ही सोने में भारी बिकवाली देखी गई. सोना लगभग 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद भाव से करीब 3% नीचे था. दिन के दौरान इसमें बड़ी गिरावट आई और ये 1,37,377 रुपये के निचले स्तर तक जा गिरा. इसके बाद मंगलवार से गुरुवार के बीच बाजार में बड़ी अस्थिरता रही. ग्लोबर टेंशन के चलते कीमतें 1,39,000 से 1,41,000 रुपये के दायरे में घूमती रहीं.

Gold Prices Outlook

हालांकि 27 मार्च यानी हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सोने ने थोड़ी रिकवरी दिखाई. लो लेवल पर खरीदारी होने और डॉलर में हल्की गिरावट से सोना 1,40,287 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. हालांकि, रिकवरी के बावजूद ये हफ्ता घाटे में ही रहा.

इजरायल-ईरान जंग के बीच क्यों गिर रहे दाम?

आमतौर पर जंग या जियो पॉलिटिकल टेंशन के समय सोना सेफ हेवन माना जाता है और इसकी कीमतें बढ़ती हैं. लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग है. डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में कमी की उम्मीद कम होना और निवेशकों का नकदी पास में रखने की वजह से कीमतें लगातार नीचे जाते हुए दिखाई दी हैं.

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  • जंग के समय में निवेशक डॉलर में निवेश करना शुरू कर देते हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स में उछाल आया है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो जाता है, जिससे डिमांड घटती है और कीमतें गिरती हैं.
  • दुनियाभर के बाजारों को उम्मीद थी कि 2026 में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेगा, लेकिन जंग की वजह से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का डर पैदा कर दिया है. अब निवेशकों को लग रहा है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी, जिससे बिना ब्याज वाले सोने की चमक फीकी पड़ रही है.
  • जंग के दौरान कई बड़े निवेशक नुकसान की भरपाई के लिए सोने में मुनाफावसूली करते हैं, जिससे उनके पास नकदी बनी रहे.

क्या अब सोने में निवेश करना चाहिए?

एक्सपर्ट का मानना है कि सोने में आई ये मौजूदा गिरावट एक खरीदारी का सुनहरा अवसर हो सकती है. गोल्डमैन सैक्स और कोटक सिक्योरिटीज जैसे संस्थानों का मानना है कि 2026 के आखिर तक सोना 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपये के लेवल को छू सकता है. ऐसे में अभी की आई गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो बनाने का अच्छा समय है. बाजार में अस्थिरता को देखते हुए एकमुश्त निवेश के बजाय गिरावट पर खरीदारी की प्लानिंग करना अच्छा हो सकता है.

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