LPG सिलेंडर या इंडक्शन, कौन है बेहतर ऑप्शन? जानें कहां होगी आपकी मोटी बचत

दी इंस्टिट्यूट फॉर एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट की स्टडी के अनुसार, अगर एलपीजी पर सरकार की सब्सिडी नहीं मिलती है, तो बिजली से खाना बनाना काफी सस्ता पड़ सकता है.

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LPG vs Induction Cooking Cost: भारतीय रसोइयों में इन दिनों खलबली मची है. एक तरफ जहां एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों ने बजट बिगाड़ दिया है. ऐसे में आम आदमी के मन में एक ही सवाल है कि क्या खाना पकाने के लिए इंडक्शन, गैस सिलेंडर से सस्ता पड़ता है? आइए समझते हैं कि कैसे इंडक्शन का इस्तेमाल कर आप महीने के सैकड़ों रुपये बचा सकते हैं.

LPG vs Induction Cooking Cost

शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि पारंपरिक गैस चूल्हे काफी एनर्जी बर्बाद करते हैं. जब आप गैस जलाते हैं, तो उसकी आंच का करीब 60% हिस्सा आसपास की हवा में चला जाता है. यानी आप जितनी गैस के पैसे देते हैं, उसका केवल 40% ही खाना पकाने के काम आता है. इसके उलट, इंडक्शन कुकटॉप इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक पर काम करता है, जो सीधे बर्तन को गर्म करता है. इसकी एफिशिएंसी लगभग 90% होती है. इसका मतलब है कि इंडक्शन में एनर्जी की बर्बादी ना के बराबर है.

लाईट बिल का गणित

अगर हम दिल्ली जैसे शहर का उदाहरण लें, तो 14.2 किलो के एक बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत करीब 900 से 1100 रुपये के बीच है. अगर एक सिलेंडर महीने भर चलता है, तो आपका दैनिक खर्च लगभग 30-35 रुपये आता है. अब इंडक्शन की बात करें. एक सिलेंडर के बराबर खाना पकाने के लिए करीब 78 यूनिट बिजली जरूरी होती है. अगर बिजली के रेट 8 रुपये प्रति यूनिट भी मान ली जाए, तो महीने का खर्च करीब 624 रुपये बैठता है. यानी सीधे तौर पर हर महीने 300 से 400 रुपये की सेविंग हो सकती है.

LPG vs Induction Cooking Cost

शुरुआती खर्चा

हालांकि, इंडक्शन पर स्विच करने के लिए आपको शुरुआत में कुछ पैसे खर्च करने होंगे. एक अच्छा इंडक्शन चूल्हा 2 हजार से 4 हजार रुपये में मिल जाता है. साथ ही, इसके लिए आपको खास फ्लैट-बॉटम वाले स्टेनलेस स्टील या लोहे के बर्तनों की जरूरत होती है. एक्सपर्ट का मानना है कि यह शुरुआती निवेश एक साल के अंदर ही बिजली की बचत के जरिए वसूल हो जाता है.

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LPG vs Induction Cooking Cost

क्या कहती है स्टडी?

दी इंस्टिट्यूट फॉर एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट की स्टडी के अनुसार, अगर एलपीजी पर सरकार की सब्सिडी नहीं मिलती है, तो बिजली से खाना बनाना काफी सस्ता पड़ सकता है. स्टडी में बताया गया कि शहरों में रहने वाला एक आम परिवार बिना सब्सिडी वाले LPG पर साल में लगभग 8 हजार रुपये रुपये खर्च करता है. इसके मुकाबले बिजली से खाना बनाने पर करीब 5,800 रुपये खर्च आते हैं.  हालांकि, जिन परिवारों को एलपीजी पर सरकारी सब्सिडी मिलती है, उनके लिए गैस अभी भी सस्ती पड़ सकती है.

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