मिडल ईस्ट (Middle East) में जारी भारी तनाव और होर्मूज स्ट्रेट पर बाधाओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है. देश में रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दो विशाल टैंकरों ने रास्ता पार कर लिया है. एक टैंकर वाले जहाज भारत पहुंच चुका है, जबकि दूसरा कल सोमवार को पहुंचेगा. इन दोनों टैंकरों से कुल 66,427 मीट्रिक टन LPG की खेप मिल रही है, जिससे लगभग 46.7 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. यानी महज दो दिन के भीतर 46.7 लाख सिलेंडरों का इंतजाम हो गया है .
कांडला पहुंचा 'सिमी', कल मंगलौर पहुंचेगा 'एनवी सनशाइन'
आज की ताजा अपडेट के अनुसार, मार्शल आइलैंड के ध्वज वाला जहाज 'सिमी' करीब 20,000 टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच चुका है. यह जहाज कल रात कांडला पोर्ट की नंबर 1 ऑयल जेटी पर डॉक किया गया है और जल्द ही अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू होगी. वहीं, वियतनाम के ध्वज वाला एक और बड़ा टैंकर 'एनवी सनशाइन' (46,427 टन क्षमता) भारत के पश्चिमी तट पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके कल यानी 18 मई को मंगलौर पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है.
क्यों महत्वपूर्ण है LPG की ये खेप?
देश की दैनिक खपत 80 से 90 हजार टन है. इसके सामने ये स्टॉक पूरे देश के लिए 20 घंटे की जरूरत ही पूरी कर पाए, लेकिन क्षेत्रीय और रणनीतिक नजरिए से इसके मायने बहुत बड़े हैं. भारत अपनी जरूरत का 60% हिस्सा आयात करता है. इन जहाजों के लगातार पहुंचने से देश का 45 दिनों का 'इमरजेंसी बफर स्टॉक' सुरक्षित रहता है. युद्ध जैसे हालातों के बीच भारत के शिपिंग और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क की मजबूती को दर्शाता है. इतना बड़ा स्टॉक गुजरात, कर्नाटक और पड़ोसी राज्यों के बॉटलिंग प्लांट्स को कई दिनों तक फुल कैपेसिटी में चलाने के लिए काफी है.
46.7 परिवारों के लिए एक महीने का इंतजाम
कुल घरेलू सिलेंडर के आधार पर कैलकुलेट करें तो 66,427 मीट्रिक टन (यानी 6.64 करोड़ किलोग्राम) गैस से करीब 46.7 लाख घरेलू सिलेंडर (14.2 किलोग्राम वाले) भरे जा सकते हैं. देश में हर दिन 55 लाख से अधिक सिलेंडरों की होम डिलीवरी होती है. इस लिहाज से यह कुल स्टॉक देश की एक दिन की पूरी सिलेंडर डिलीवरी से थोड़ा ही कम है.
13-14 मई को होर्मूज पार हुए थे दोनों जहाज
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण समुद्री मार्ग बाधित थे. उस दौरान 'सिमी' ने 13 मई को और 'एनवी सनशाइन' ने 14 मई को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार किया था. हालांकि, उसी दौरान ओमान के जलक्षेत्र में भारतीय नौका 'हाजी अली' पर हमला हुआ था और वह डूब गई थी (सभी 14 क्रू सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए थे). इस खतरे के बावजूद भारतीय पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के समन्वय से ये दो LPG टैंकर सुरक्षित भारत पहुंचने में सफल रहे हैं.
पेट्रोलियम मंत्रालय की पैनी नजर
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है. किसी भी वितरक के पास से सप्लाई बंद होने की सूचना नहीं है. साथ ही, पारदर्शिता के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी में 95% की बढ़ोतरी हुई है, ताकि कालाबाजारी को रोका जा सके. भारत अब केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका और यूरोप जैसे वैकल्पिक देशों से भी LPG के इंतजाम किए जा रहे हैं.
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